फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagrajn Flood : 2013 का रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं गंगा-यमुना, हजाराें लोग बेघर, बचाव कार्य में जुटीं टीमें

Fri, 26 Aug 2022 10:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दोनों नदियाें का जलस्तर 2013 में आई बाढ़ के स्तर को भी पार कर सकता है। 2013 में जलस्तर 86.82 मीटर के पार हो गया था, जो 1978 में आई बाढ़ के बाद सबसे अधिक जलस्तर है।
विज्ञापन
1 of 11
Prayagraj News : खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं गंगा और यमुना। - फोटो : अमर उजाला।
गंगा-यमुना उफान पर हैं। जलस्तर शुक्रवार दोपहर में ही खतरे के निशान को पार गया। इसकी वजह से हजारों मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और लोग पलायन के लिए मजबूर हैं। कछार में बसे लोगों की आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। पीछे से काफी पानी छोड़ा गया है और दोनों नदियाें का जलस्तर 2013 में आई बाढ़ के स्तर को भी पार कर सकता है। 2013 में जलस्तर 86.82 मीटर के पार हो गया था, जो 1978 में आई बाढ़ के बाद सबसे अधिक जलस्तर है।


गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ बाढ़ का दायरा भी फैलता जा रहा है। बघाड़ा, सलोरी, बेली, राजापुर, ऊंचवागढ़ी, नेवादा समेत दर्जनों कछारी मोहल्लों में भीतर तक बाढ़ का पानी घुस गया है। इन मोहल्लों के निचले इलाकों में तो कई मकानों का पहला तल पानी में डूब गया है।
विज्ञापन

2 of 11
Prayagraj News : पत्रकार कॉलोनी में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर ले जाती एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : अमर उजाला।
इसकी वजह से हजारों परिवार अलग-अलग तरीके मुसीबतों में घिर गए हैं। हजारों लोग पलायन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने रिश्तेदारों- परिचितों के यहां ठौर ली है। करीब एक हजार परिवारों के पांच हजार लोग आश्रय स्थलाें में पहुंच गए हैं। पलायन का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि 10 आश्रय स्थलों में अब जगह ही नहीं बची है।
विज्ञापन

3 of 11
Prayagraj News : बाढ़ में डूबे पत्रकार कॉलोनी के मकान। - फोटो : अमर उजाला।
हजारों परिवार अब भी बाढ़ में फंसे हुए हैं। ज्यादातर ने भूतल में पानी भरने की वजह से प्रथम तल में शरण ले ली है। प्रशासन की ओर से लगातार वहां से निकलने की अपील की जी रही है लेकिन चोरी की डर की वजह से लोग अपनी गृहस्थी छोड़ना नहीं चाह रहे। हालांकि, जलस्तर बढ़ने के साथ उनकी हिम्मत भी टूटने लगी है और लगातार पलायन जारी है।

4 of 11
Prayagraj News : पानी में डूबे मकान। - फोटो : अमर उजाला।
हर स्तर पर एलर्ट जारी
जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन की ओर से हर स्तर पर मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। जरूरत के साथ राहत शिविरों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। शुक्रवार शाम तक 15 शिविर खोले जा चुके थे। दिन में तीन बजे तक ही 13 शिविरों में 786 परिवारों के 3400 से अधिक लोग पहुंच गए थे। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए बघाड़ा और राजापुर में ही 40 से अधिक नावें लगाई गईं हैं। 1500 नावों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
विज्ञापन

5 of 11
Prayagraj News : पत्रकार कॉलोनी में घरों में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।
एसडीआरएफ की दो तथा एनडीआरएफ की एक टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर रही है। बाढ़ पीएसी की दो कंपनी तथा जल पुलिस भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा सिंह का कहना है कि  राहत शिविरों में खाना, पानी के अलावा सफाई, बिजली आदि की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

6 of 11
Prayagraj News : नाव से सुरक्षित स्थानों की ओर जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
दो महीने की बच्ची संग बाढ़ में फंसे लेकिन हटने को तैयार नहीं
छोटा बघाड़ा में सैकड़ों मकानों की पहली मंजिल के ऊपर तक पानी पहुंच गया है। आवागमन का कोई रास्ता नहीं है लेकिन कई परिवार अब भी वहां से निकलने के लिए तैयार नहीं है।


एक परिवार तो दो महीने की बच्ची के साथ वहां पड़ा है। निरीक्षण एवं राहत सामग्री वितरण के लिए पहुंचे डीएम संजय कुमार खत्री ने परिवार के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की लेकिन रात तक सभी लोग वहीं पड़े रहे।


राजापुर में एनडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया और बाढ़ में फंसे 20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सैकड़ों लोगों को नाव से भी बाढ़ के दायरे से बाहर निकाला गया।
विज्ञापन

7 of 11
Prayagraj News : पत्रकार कॉलोनी में बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।
दो दर्जन मोहल्ले, 100 से अधिक गांव प्रभावित
शहरी क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक गांव भी बाढ़ के पानी में घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ के पानी में हजारों एकड़ फसल भी डूब गई है। कछारी इलाके में सब्जी की बड़े पैमाने पर खेती होती है। ऐसे में बाढ़ की वजह से सब्जियों की फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है।

8 of 11
Prayagraj News : जलस्तर लगातार बढ़न से रेलवे विभाग अलर्ट मोड में। - फोटो : अमर उजाला।
लगातार जलस्तर बढ़ने के बाद रेलवे प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। ट्रेनों को कॉशन पर ले लिया गया है। साथ ही 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

9 of 11
Prayagraj News : बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाते एनडीआरएफ के जवान। - फोटो : अमर उजाला।
एनडीआरएफ के जवान पूरे इलाके में सक्रिय हो गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को राहत शिविरों में शरण दी जा रही है। 

10 of 11
Prayagraj News : जुगाड़ तकनीक से लोगों को बाढ़ से निकाला जा रहा है बाहर। - फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ में फंसे लोगों को ट्यूब पर बैठाकर बाहर निकाला जा रहा है। 
विज्ञापन

11 of 11
Prayagraj News : करेली के जेके नगर में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। - फोटो : अमर उजाला।
करेली के जेके नगर में बाढ़ का पानी कॉलोनी में भर जाने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिवार के लोग मकान के दूसरे तल पर शरण लिए हुए हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें