प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद अटाला में पुलिस फोर्स पर पत्थर बरसाने वाली भीड़ में बच्चे-किशोर आगे नजर आए। पुलिस अफसरों का मानना है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। बच्चों और किशोरों को देखकर ही शुरू में पुलिस फोर्स ने भी बेहद एहतियात से काम लिया। नमाज के बाद मजीदिया कॉलेज के सामने जुटी भीड़ में ज्यादातर युवा दिखे। लेकिन भीड़ की ओर से पथराव शुरू किए जाने के बाद एक चौंकाने वाली बात सामने आई। हमलावर भीड़ में बच्चे और किशोर भी नजर आए और पथराव करने वालों में वह सबसे आगे थे। मौके पर कई बार ऐसा हुआ कि गलियों से निकलकर पुलिसकर्मियों पर सामने से पत्थर बरसाए गए और ऐसा करने वाले बेहद कम उम्र के थे। यह देख पुलिसकर्मी भी दंग थे। किशोरों-बच्चों को देखते हुए ही अफसरों ने पुलिसकर्मियों को बेहद सतर्कता से काम लेने के निर्देश दिए। ऐसे में पुलिसकर्मी भी फूंक-फूंककर कदम रखते रहे।
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- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि हमलावरों की भीड़ में बच्चों व किशोरों को सबसे आगे किया जाना सोची समझी साजिश का भी नतीजा हो सकता है। दरअसल माहौल बिगाड़ने वालों को यह मालूम था कि बच्चों व किशोरों को आगे करने से पुलिस फोर्स सख्ती से कार्रवाई करने से बचेगी। हुआ भी ऐसा ही और इसी वजह से उन्हें बवाल को लंबा खींचने का वक्त मिल गया।
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सारा अहमद, शाह आलम, उमर खालिद व कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। इन सभी ने एनआरसी-सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य भूमिकाएं निभाईं थीं और इन पर केस भी दर्ज हुए थे।
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यह बात सही है कि जिस तरह से बच्चों व किशोरों को ढाल बनाया गया, वह किसी बड़ी साजिश का भी नतीजा हो सकती है। जो भी दोषी होगा, उस पर एनएसए, गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।- प्रेमप्रकाश, एडीजी जोन प्रयागराज
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बुल्डोजर चलवाकर खत्म करेंगे गुंडागर्दी
एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने यह भी कहा कि पिछले दिनों ही नूरुल्लाह रोड पर अतिक्रमण हटाया गया था। जिस शौकत अली मार्ग पर यह पूरा बवाल हुआ, उस पर भी जगह-जगह अवैध निर्माण किया गया है। जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा होता है। इनमें कई अराजक तत्व भी यहां जुटते हैं। प्रशासन की मदद से जल्द ही बुलडोजर चलवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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बवाल की पहले से तैयार थी रूपरेखा
पुलिस सूत्रों का मानना है कि जिस तरह से पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की गई, उससे साफ है कि बवाल की रूपरेखा पहले से तैयार थी। यही वजह थी कि हमलावर न सिर्फ ईंट-पत्थर बल्कि पेट्रोल व बम लेकर आए। जुमे की नमाज के ठीक बाद बवाल होने से यह भी माना जा रहा है कि जानबूझकर साजिशन इस दिन को चुना गया।
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दरअसल साजिशकर्ता यह जानते थे कि जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं जिनमें बड़ी संख्या किशोरों और युवाओं की होती है। बवाल के लिए अटाला को चुनने की वजह यह मानी जा रही है कि यह इलाका बेहद घना है और पुलिस से दो-दो हाथ करने के लिए इसकी भौगोलिक स्थिति भी बेहद माकूल है।
यह ऐसा इलाका है जिसके चारों ओर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि बवाल पूरी तरह से सुनियोजित था जिसकी रूपरेखा पहले से तय थी।