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प्रयागराजः गंगा में तेजी से हो रहा कटान, किला की ओर खिसका संगम

Mon, 15 Jun 2020 01:48 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
बारिश से पहले ही गंगा में कटान तेज होने से घाटों का स्वरूप बदलने लगा है। संगम नोज की गंगा पट्टी में कटान का दायरा बढ़ने से तीर्थपुरोहित अपनी चौकियां समेटने लगे हैं। वर्षों बाद यह पहला मौका है, जब संगम पर गंगा पश्चिम वाहिनी होकर बहने लगी हैं। चार दिनों के भीतर संगम दो सौ मीटर से अधिक किला की ओर खिसक गया है। सोमवार तक तीर्थपुरोहितों के झंडे-डंडे और तख्त प्रवाह के लिहाज से हटने लगेंगे।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
अचानक प्रवाह बढ़ने से गंगा में कटान तेज हो गई है। बारिश से पहले लगातार जल बढ़ने से स्नान घाटों का किनारा डूबता जा रहा है। रविवार को सौ मीटर से अधिक संगम नोज का दायरा गंगा में विलीन हो गया। स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई जेटी प्रवाह का हिस्सा बन गई। किनारा कटने से तीर्थपुरोहितों ने अपनी चौकियां और झंडे भी समेटने शुरू कर दिए।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
खास बात यह है कि गंगा पूरबवाहिनी की बजाए पश्चिमवाहिनी होकर बहने लगी हैं। इससे अब वीआईपी घाट के पास संगम शिफ्ट हो गया है। संगम शिफ्ट होने के साथ ही पंडे और पुरोहित अपनी नई जगह तलाशने में जुट गए हैं। सिंचाई बाढ़खंड के एक्सईएन ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर तेज होने से घाटों पर कटान हो रही है।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj
अगले तीन-चार दिन के भीतर बारिश होने के भी संकेत मिले हैं। इस वजह से बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बालू की बोरियों से पाटकर कटान रोकने की कोशिश की जा रही है।

बाढ़ खंड के अभिंताओं का कहना है कि इस बार गंगा में सिल्ट लोड न होने की वजह से भी जल में प्रवाह तेज हुआ है। केंद्रीय जल आयोग ने रविवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.38 मीटर और प्रयागराज में छतनाग के पास 72.01 मीटर रिकार्ड किया। उधर, तीर्थपुरोहितों ने भी गंगा में कटान और प्रवाह बढ़ने पर चिंता जताई है।
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akabar quila - फोटो : प्रयागराज
तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी कहते हैं कि वर्षों बाद पहली बार गंगा बारिश से पहले पश्चिम वाहिनी होकर बहने लगी हैं। इससे संगम तेजी से किला की ओर शिफ्ट हो रहा है।

गंगा आरती समिति के प्रदीप कुमार पांडेय के मुताबिक कोरोना संकट की वजह से ढाई महीने तक संगम बंद रहा। अब गंगा में कटान से बाढ़ से पहले ही तीर्थपुरोहितों को हटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नागवासुकि,दारागंज श्मशान घाट, काली घाट, रामघाट, महावीर घाट और अक्षयवट घाट पर भी कटान की वजह से तीर्थपुरोहित परेशान हो उठे हैं।
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