प्रयागराज। (सुरभि गुप्ता)। आपने वॉटर बैंक का नाम सुना होगा, फूड बैंक के बारे में भी जानते ही होंगे, मगर क्या सेनेटरी पैड बैंक की आपको जानकारी हैं? नहीं ना, तो इसके बारे में हम आपको बताते हैं। संगमनगरी के युवाओं की टोली ने बेटियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का जिम्मा उठाया है।
इसके लिए उन्होंने ‘शुरुआत सेनेटरी पैड बैंक’ बनाया है। जिसमें सेनेटरी पैड जमा किए जाते हैं। जिसे आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशुल्क दिया जाता है।
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पैड बैंक से सैनेट्री पैड लेती लड़की।
- फोटो : self
तीन महीने में 300 बेटियों का खोला पैड अकाउंट
एक जनवरी को प्रयागराज के अलोपीबाग स्थित तिकुनिया चौराहे पर इसका कार्यालय खोला गया। तीन महीने में अभी तक 300 बेटियों को पैड बांटा जा चुका है। खास यह कि निशुल्क पैड देने से पहले बेटियों का पैड अकाउंट खोला जाता है। जिससे रिकार्ड बनाया जा सके। इस बैंक से पैड लेने के लिए पांच से सात किलोमीटर तक लड़कियां और महिलाएं आती हैं।
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prayagraj news : पैड बैंक से सैनेट्री पैड लेती लड़की।
- फोटो : prayagraj
चुप्पी तोड़ खुल के बात करती हैं बेटियां
सेनेटरी पैड बैंक के संस्थापक अभिषेक शुक्ला बताते हैं कि हमारी टीम का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा बेटियों को उनकी पर्सनल हाइजीन के बारे में जागरूक करना हैं। इसके लिए वह सरकारी स्कूलों और बस्तियों में जाकर जागरूक करते हैं।
उन्हें पीरिड्स के दौरान बरतने वाली सावधानियों समेत स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती हैं। अभिषेक शुक्ला बताते हैं कि उनकी मेहनत का असर यह हुआ है कि अब लड़कियां पीरिड्स के बारे में खुलकर जानकारी बात करती हैं। हिचक तोड़कर इस पर बात करती हैं।
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स्कूल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते टीम के सदस्य।
- फोटो : self
सोशल मीडिया को बनाया रास्ता, मदद को आगे आएं लोग
ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए युवाओं की टोली ने सोशल मीडिया को रास्ता बनाया। शुरुआत सेनेटरी पैड बैंक नाम से फेसबुक ग्रुप बनाया।
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स्कूल में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते टीम के सदस्य।
- फोटो : self
नतीजा यह रहा कि मदद के लिए लोगों के सामने आने का सिलसिला शुरू हुआ। कोई एक, कोई दो तो कोई पैड बैंक में पांच-छह पैकेट सेनेटरी पैड देकर जाता है। जिसे लड़कियों को मुफ्त में बांटा जाता है। इस ग्रुप से अभी तक 400 लोग जुड़ चुके हैं।
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बेटियों के साथ टीम के सदस्य।
- फोटो : self
पड़ाई के साथ समाज सेवा के लिए निकाल रहे वक्त
आज के दौर में जहां युवा सिर्फ और सिर्फ अपने कॅरियर के बारे में सोच रहा है। वहीं इस टीम से जुडे़ युवा समाज के लिए मिसाल हैं जो अपने साथ ही बेटियों के स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर जागरू कर रहे हैं। संस्था के संस्थापक अभिषेक बताते है कि यह टीम वर्क का ही नतीजा हैं कि उनकी मेहनत रंग लाई हैं।
टीम में 20 लड़के-लड़कियां शामिल हैं। जिससें आशिया, शालिनी, आकाश, अंजलि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो वहीं अंशित पाठक बीटेक, श्रद्धा जेएनयू से एमएससी, अभिषेक बीएड कर रहे हैं। अपनी पढ़ाई के साथ ही यह बेटियों और उनके अभिभावकों को जागरूक करने का काम करते हैं।