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आशिक से कातिल बने सलीम को 'फिर' हुआ प्यार : शबनम और शायरी के बाद यहां जुड़े दिल के तार

Sat, 06 Mar 2021 01:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
बावनखेड़ी नरसंहार के आरोपी सलीम को एक बार 'फिर' प्यार हुआ है। सलीम इन दिनों हिंदी साहित्य की किताबें पढ़कर समय काट रहा है। जेल में वह बड़े साहित्यकारों की ज्यादातर किताबें पढ़ चुका है। उसे धार्मिक ग्रंथ कुरान भी उपलब्ध कराई गई है। सलीम और उसकी प्रेमिका शबनम को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। सलीम ने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके परिवार के सात लोगों को निर्ममता से मौत के घाट उतारा था। 

 
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shabnam case - फोटो : अमर उजाला
नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किए जाने के बाद सलीम का किताबों के प्रति झुकाव बढ़ा है और वह समय काटने के लिए किताबें पढ़ रहा है। उसकी मांग पर उसे पुस्तकालय में मौजूद किताबें उपलब्ध करा दी जाती हैं। 
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
प्रभारी डीआईजी जेल प्रेम नाथ पांडेय ने बताया कि जेल के पुस्तकालय में मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद सहित अन्य रचनाकारों की लगभग छह हजार कृतियां हैं। जेल मैनुअल के अनुसार पुस्तकालय में उपलब्ध किताबें बंदियों की मांग के अनुसार उन्हें दी जाती हैं।

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शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
जेल अधीक्षक पर लिखी थी शायरीः सलीम ने पूर्व में वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह को लेकर शायरी लिखी जिसको प्रकाशित कराने के लिए उसने अनुरोध भी किया था। वह अक्सर अपनी शायरी जेल अधिकारियों को पढ़ने के लिए भेजता रहता है।
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Shabnam Case - फोटो : अमर उजाला
बस वकील से करता है बातः परिजनों द्वारा मुंह मोड़ लेने के बाद सलीम भी उन्हें भूल चुका है। वह अब केवल अपने वकील से ही बात किया करता है। पिछले दो साल से उसकी कोई मुलाकात नहीं हुई है। नैनी जेल आने के बाद उसके पिता उससे मिलने आया करते थे, जिन्होंने बाद में आना बंद कर दिया।
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