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- फोटो : प्रयागराज
बारिश से आफत: आंखों के सामने भीगने से गृहस्थी बर्बाद
रविवार सुबह हुई तेज बारिश बाढ़ पीड़ितों पर आफत बनकर बरसी। तमाम एहतियात के बाद भी छतों पर डेरा जमाए लोग बरसात से अपना घरेलू सामान नहीं बचा पाए। लोगों का अधिकतर सामान पानी में भीग करके बर्बाद हो गया। लोग परेशान हैं और बाढ़ के पानी का उतरने का इंतजार कर रहे हैं। केडब्ल्यू, चच्चा चायवाले की गली में रहने वाले बाबू के घर के भीतर कई दिनों से पानी भरने के कारण सारा बिस्तर, खाने-पीने का सामान खराब हो गया। मोहम्मद आसिफ ने कहा, सामान हटाकर थोड़ी ऊंचाई पर रखा था लेकिन वहां भी पानी भरने से फ्रिज, आलमारी, तख्त, पलंग आदि पानी में डूब गया।
लकी सिद्दकी ने कहा, बड़ी वाली टीवी, बरतन और खाने पीने का सामान नुकसान हो गया है। इलियास अहमद सिद्दकी बोले, पानी आने वाले दिन जाफरी कॉलोनी वाले मकान में थे, सुबह आने तक तो काफी पानी घर में घुस गया था, फिर तो कोई भी सामान बाहर निकालना मुमकिन नहीं था। अब पांच-छह दिनों के बाद इलेक्ट्रानिक और लकड़ी के सामान सब बर्बाद हो गए। इन्हें दोबारा इस्तेमाल में लाना बहुत मुमकिन नहीं है।
गड्ढा कॉलोनी के अकबर, मोहम्मद नौशाद ‘मामू’, अरशद प्लंबर, काटिज, नौशाद मास्टर, गुड्डूभाई, जावेद भाई, अफसर, मोहम्मद माशूक, शानू, जीनत, मदीरुन्निसां आदि ने कहा कि बाढ़ ने पूरी गृहस्थी ही चौपट कर दी। कई महीनों की कमाई बाढ़ में भीग जाने से बर्बाद हो गई। आफताब आलम बोले, पांच दिनों से बस घर का ताला देख रहे हैं। इस दौरान पानी बढ़ता गया और सारा सामान डूब गया। लाखों रुपये का नुकसान हो गया, जिसे बनाने में पता नहीं कितना वक्त लगेगा।
राजापुर के हरीश पाल, राकेश यादव ने बताया कि बारिश नहीं आफत बरसी है। तमाम जतन के बाद सिर भी नहीं पचा। सामान ऐसा भीगा कि हजारों की चपत लगी है। इसी तरह छोटा बघाड़ा की संगीता सिंह, हिम्मत यादव ने भीगने से गृहस्थी का सामान भीगकर खराब होने की बात कही है।
द्रौपदी घाट के राजेश पाल, जगन पटेल, रामजीत यादव सड़क पर छावनी बनाकर रह रहे हैं। प्रभावित लोगों के मुताबिक गृहस्थी भीगने से अस्तव्यस्त हो गई है। बिस्तर तो भीगे ही बौछारों ने रसोईं का सामान भी गीला कर दिया। यहां जनक देवी ने बताया कि आटा भीगने से मुसीबत बढ़ी है। रविवार को घर के लोगों को खिचड़ी से काम चलाना पड़ा। कमोवेश यही हालत बाढ़ प्रभावित हर मोहल्ले की है। हजारों लोगों को बारिश से परेशान तो हुए ही उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा।