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- फोटो : प्रयागराज
आफत बनकर बरसी बारिश, बढ़ीं दुश्वारियां
प्रयागराज। शहर के कछारी मोहल्लों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद घर लौटे लोगों पर बृहस्पतिवार को बारिश आफत बनकर बरसी। तेज हवा और झमाझम बारिश से साफ सफाई पर पानी फिर गया। नालियां उफना गईं। हर तरफ कचरा और कीचड़ ही फैल गया। बारिश और नदियों का जल स्थिर होने से फिलहाल बाढ़ पीड़ितों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बक्शी बांध और मोरी गेट स्लूज गेट और फाटक बंद कर दिए गए थे। नालों का पानी पंप के सहारे निकला जा रहा था कि तेज बारिश से जलभराव मुसीबत बन गया। राजापुर, गंगानगर, ऊंचवागढ़ी, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, ढरहरिया, सलोरी, करेलाबाग समेत अन्य क्षेत्रों में नालियों के उफनाने से हर तरफ गंदगी फैल गई।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक बार फिर कीचड़ और कचरा ही दिख रहा है। कहीं नालियां का पानी तो कहीं बारिश का पानी भर गया है। बारिश के कारण राहत और सफाई कार्य भी जैसे तैसे किया गया। गलियों में भरे पानी में जलकुंभी पट गई है। गंदे पानी में बारिश का मेल दिक्कत बढ़ाने वाला रहा।
गंगानगर में दस दिन बाद घर लौटीं गृहणी संगीता और श्वेता ने बताया कि मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं।
नीचे के कमरों में सफाई करना बेकार हो गया। बारिश ने परेशानी बढ़ा दी है। हम ही नहीं मोहल्ले के सैकड़ों लोग बरसात का पानी भरने से घबराए हैं।
छोटा बघाड़ा में रहने वाले सत्येंद्र सिंह के मुताबिक एक महीने का किराया फालतू चला गया। गंदगी, कीचड़ के साथ मच्छरों की भरमार है। कमरे में बैठना मुश्किल हो रहा है। शाम चार बजे वह तीन दोस्तों के साथ गंदे पानी को देखकर कभी नगर निगम कोसते तो कभी आसमान की तरफ देखकर कहते, भगवान अब बस करो। ये मामले तो बानगी भर हैं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में बारिश और जलभराव ने हजारों लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं।