प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गंगा जल से भरे परात में पांव पखारे जाने के वर्ष भर बाद भी कुंभ के पांच स्वच्छाग्रहियों का मुश्किलों से नाता खत्म नहीं हुआ है। सरकारी आवास और नौकरी तो दूर, अब तक उनकी पगार भी नहीं बढ़ सकी है। फिर भी, अभाव व संघर्षों के बीच वे अब भी उसी मेले का हिस्सा बने हुए हैं। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दो महीने पहले परेड से उनको खदेड़ दिया गया था, लेकिन इन सबके बावजूद उनकी पीएम से आस अभी टूटी नहीं है। अब जबकि मोदी एक बार फिर प्रयागराज आने वाले हैं, उनमें उम्मीद जगी है कि उनकी सुध ली जाएगी और दिन बहुरेंगे।