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Paush Purnima 2022: स्नान के लिए लगा कल्पवासियों का तांता, संगम की रेती पर मिले पांच संक्रमितों ने उड़ाए होश 

Mon, 17 Jan 2022 09:15 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

खाक चौक में एक कल्पवासी और तीन सिपाहियों समेत पांच कोरोना संक्रमित मिले, पौष पूर्णिमा स्नान लाखों संतों-भक्तों के डुबकी लगाने का अनुमान, आज से आरंभ होगा महीने भर का जप-तप और ध्यान, वाहनों से पहुंचे हजारों कल्पवासी।
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Paush Purnima 2022 माघ मेला क्षेत्र के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की कोविड जांच करते स्वस्थ्यकर्मी। - फोटो : प्रयागराज
माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पौष पूर्णिमा की डुबकी से महज 12 घंटे पहले रविवार को एक कल्पवासी समेत पांच संक्रमितों के पाए जाने से चिंता बढ़ गई। खाक चौक के एक शिविर में कल्पवासी भी संक्रमित पाया गया है।
 
तीन पुलिस कर्मियों के अलावा एक ठेकेदार का आदमी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया है। रविवार को जांच में 322 नए कोरोना संक्रमित मिले। 169 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। आज एक संक्रमित की मौत भी हुई। रविवार को 6360 लोगों की जांच की गई। 

ये संक्रमित तब मिले हैं, जब पौष पूर्णिमा स्नान के लिए संतों-भक्तों और कल्पवासियों की भीड़ आने लगी है। सोमवार को शिविरों में पूजा-पाठ और वेदियों पर संकल्प के साथ महीने भर का जप, तप, ध्यान आरंभ हो जाएगा।
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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
कोविड गाइड लाइन का पालन कराना बनी चुनौती
रेती पर समूहों में सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था खाक चौक के शिविर में संक्रमण की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के मेला प्रभारी डॉ. जयकिशन ने की। उन्होंने बताया कि मजदूर को होम आइसोलेट करा दिया गया है, जबकि चार संक्रमितों को बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मेले के दूसरे स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर कल्पवासियों की भीड़ का तांता लगने के बीच कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन को लेकर मेला प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए हैं। पौष पूर्णिमा से ही कल्पवास भी आरंभ होगा। ऐसे में इस पर्व पर संगम में डुबकी के लिए एक बार फिर आस्था का रेला उमड़ने का अनुमान है।

फिलहाल पुलिस कैंप के अलावा कल्पवासी शिविर में संक्रमण की पुष्टि से होश उड़ गए हैं। ऐसे में पौष पूर्णिमा पर कोविड प्रोटोकाल के पालन के साथ भीड़ प्रबंधन मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। संगम आने वाले संतों-भक्तों और कल्पवासियों की जांच मेले के प्रवेश मार्गों पर कराई जा रही है, लेकिन भीड़ में सैकड़ों लोग बिना जांच के ही निकल जा रहे हैं।
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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
16 प्रवेश द्वारों पर कराई जा रही थर्मल स्क्रीनिंग
मेले के 16 प्रवेश द्वारों पर कोरोना जांच के साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है, ताकि संक्रमितों का मेले में प्रवेश रोका जा सके। इसके साथ ही माघ मेले में दूर-दराज के इलाकों से कल्पवासियों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार को हजारों की तादाद में कल्पवासी दिन भर ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य निजी वाहनों से शिविरों में पहुंचते रहे।

हालांकि, संक्रमण रोकने के लिए मेला प्रशासन की ओर से कोविड हेल्प डेस्क की टीमें लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। स्नान घाटों पर भी जांच के इतजाम किए गए हैं। मेले में आने वाले हर कल्पवासी से वैक्सीन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट के साथ ही 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट भी लाने की अपील की गई है। 

  1. मेले की व्यवस्था एक नजर में
  • 12 स्नान घाटों पर पौष पूर्णिमा पर्व पर संगम में लगेगी पुण्य की डुबकी
  • 22 स्थानों पर चिकित्सकीय सुविधा, 12 स्वास्थ्य शिविर और 10 प्राथमिक उपचार केंद्रों पर होगी जांच
  • 12 सर्विलांस टीमों के अलावा कोविड हेल्प डेस्क भी घाटों पर होगी स्थापित
  • 8 स्थानों पर वाहनों के लिए बनाई गई गई पार्किंग 
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सतुआ बाबा पीले वस्त्र में। - फोटो : amar ujala
खाक चौक के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा भी संक्रमित
खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। महावीर पांटून पुल उतरने के बाद उनका शिविर लगा है। खाक चौक के 275 संतों, महंतों के शिविरों के सतुआ बाबा ने ही मेले में रहकर भूमि आवंटन कराया था।

इस दौरान उन्होंने खाक चौक के संतों और अधिकारियों के साथ कई बैठकें भी की थीं। हालांकि सतुआ बाबा का कहना है कि संक्रमण की वजह से फिलहाल वह मेला क्षेत्र से दूर आइसोलेशन में हैं और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है।   

यज्ञ मंडप बने, वेदियों पर संकल्पों के उगाए गए जौ
माघ मेला के शिविरों में कल्पवास की तैयारियां रविवार की देर रात तक पूरी की जाती रहीं। शिविरों में यज्ञ मंडप, आहुति के लिए हवन कुंड, वेदियां बनाने के साथ ही जौ की बुआई भी करा दी गई। अपने-अपने संकल्पों के साथ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के साथ ही रविवार को महीने भर के कल्पवास की शुरुआत करेंगे।
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