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एसआरएन हास्पिटल में अफरातफरी से सांसत में रही मरीजों की जान

Sat, 24 Apr 2021 12:59 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • जिला प्रशासन के फूल गए हाथ-पांव, इंस्पेक्टर की मां को ट्रायज रूम में रखने को लेकर हुआ विवाद
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prayagraj news : एसआरएन में डाक्टर और तीमारदारों के बीच हुई मारपीट में घायल को इलाज को ले जाती पुलिस। - फोटो : prayagraj
अपनी मां का उपचार कराने आए पुलिस विभाग के इंस्पेक्टर और जूनियर रेजिडेंट्स के बीच हुई मारपीट के दौरान स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में घंटे भर अफरातफरी का माहौल रहा। लगभग एक घंटे तक मरीजों की जान सांसत में रही। मरीजों के तीमारदारों को सूझ नहीं रहा था कि वे आखिर क्या करें। घटना से मेडिकल कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए थे।
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prayagraj news : एसआरएन में मारपीट के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : prayagraj
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल करने के एलान से प्रशासन बैकफुट पर आ गया। साथी के साथ मारपीट पर जूनियर डॉक्टरों ने अपना आक्रोश जरूर दिखाया, लेकिन महामारी के बीच बेकाबू होते हालात को देखते हुए उन्होंने मारपीट की घटना को मिस मैनेजमेंट के नजरिए से देखा और कार्रवाई के आश्वासन पर फिर काम पर लौट आए। डॉक्टरों के काम पर लौटने के बाद मरीज आश्वस्त हुए कि उनका उपचार बाधित नहीं होगा।
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prayagraj news : एसआरएन में डाक्टरों को समझाते पुलिस अधिकारी। - फोटो : prayagraj
दरअसल इंस्पेक्टर जुल्फिकार अली अपनी मां बदरुन्निशा को लेकर दो दिन पहले ही आए थे। उन्हें पहले ही ट्रायज रूम में रख दिया गया। यहीं से विवाद शुरू हुआ। इंस्पेक्टर नहीं चाहते थे कि उनकी मां को ट्रायज रूम में रखा जाए। वह चाह रहे थे कि उनकी मां को नान कोविड वार्ड में रखकर उपचार किया जाए और जरूरत हो तो कोविड की जांच भी करा ली जाए। ट्रायज वार्ड में रखने के दौरान बदरुन्निशा की हालत गंभीर होती गई। इस बात को लेकर इंस्पेक्टर परेशान थे। वह लगातार उपचार के लिए डॉक्टर्स पर दबाव बना रहे थे, लेकिन उनका यह दबाव काम नहीं आया।

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prayagraj news : एसआरएन में डाक्टर और तीमारदारों के बीच हुई मारपीट में घायल को इलाज को ले जाती पुलिस। - फोटो : prayagraj
उल्टे वहां विवाद और मारपीट तक हो गई। इसमें इंस्पेक्टर और उनके भाइयों को भी गहरी चोटें आईं हैं। तीनों गंभीर स्थिति में पहुंच गए। उधर, एक जूनियर डॉक्टर भी चोटिल बता रहा है। जूनियर डॉक्टर का कहना है कि उसका सिर फट गया। घटना से एसआरएन चिकित्सालय प्रशासन, मेडिकल कॉलेज प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया।
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prayagraj news : एसआरएन में हड़ताल करते डाक्टरों को समझाते पुलिस अधिकारी। - फोटो : prayagraj
सारे जूनियर डॉक्टर अपनी ड्यूटी छोड़कर पुरानी बिल्डिंग में जमा हो गए और नारेबाजी कर अपनी सुरक्षा की मांग करने लगे। इससे पुरानी बिल्डिंग के वार्डों में भर्ती कोरोना मरीजों की हालत खराब हो गई। उन्हें जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि जूनियर रेजिडेंट्स हड़ताल पर चले गए, उनके माथे पर बल पड़ गए। मौके पर पुलिस विभाग के अफसर, एसआरएन के एसआईसी, कोविड अधीक्षक सहित कई अधिकारी पहुंचे। सबने किसी तरह जूनियर रेजिडेंट्स को समझा-बुझाकर हड़ताल स्थगित करा दी। देर रात जूनियर रेजिडेंट्स की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई, बल्कि चिकित्सालय प्रशासन की ओर से घटना के संबंध में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करने की बात सामने आई।
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