फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: महंत नरेंद्र गिरि की मौत के दिन बंद थे बाघंबरी मठ के कैमरे, सुबूत मिटाने का अंदेशा

Mon, 27 Sep 2021 08:53 AM IST
शाहरुख खान अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
narendra giri suicide case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी मठ के आगंतुक कक्ष में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत का राज हमेशा हर किसी के लिए राज ही बनकर रह जाए, इसके लिए हर कदम पर सुबूत मिटाने की कोशिश की गई। इस सनसनीखेज घटना को लेकर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कहा जा रहा है कि इस रहस्यमय मौत की बिसात के पीछे मठ में लगे एचडी कैमरे भी हैं, जो घटना वाले दिन बंद हो गए थे । ऐसे में अपने पहली मंजिल के विश्रामकक्ष से उस प्रतीक्षालय तक महंत कब और कैसे पहुंचे? क्या उस कमरे में पहले से कोई मौजूद था? या फिर उनके आने के बाद कोई वहां दाखिल हुआ? ऐसे सवालों के जवाब ढूंढ पाना मुश्किल हो गया है। क्योंकि, मठ के प्रवेश द्वार से लेकर उस कक्ष तक लगे कैमरों में इस घटनाक्रम से जुड़ी कोई रिकार्डिंग मौजूद नहीं है। इस वजह से सीबीआई के लिए महंत की मौत का सच बाहर लाना अब पत्थर पर दूब उगाने जैसा हो गया है।

विज्ञापन

2 of 8
बाघंबरी मठ में जुटी भीड़ और पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कैमरों के अचानक बंद होने के पीछे मठ के कुछ साधु बिजली जाने की वजह बता रहे हैं, तो यह भी पता चला है कि इन कैमरों से जुड़ी एक डीवीआर मशीन कुछ दिन पहले ही खराब हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 8
बाघंबरी मठ परिसर में मौजूद पुलिस और अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की तफ्तीश में पता चला कि उस दिन बख्शी बांध उपकेंद्र से जुड़े एसपी मालवीय फीडर पर 12:16 से 12:58 बजे तक कुल 42 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप थी। लेकिन, मठ के संतों, सेवादारों का इसके पीछे बिजली जाने का यह बहाना इसलिए भी नहीं माना जा सकता, क्योंकि वहां 63 केवीए क्षमता का जेनरेटर भी लगा है। 

 

4 of 8
महंत का शव ले जाता वाहन - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा चार किलोवाट का इनवर्टर भी है। ऐसे में फीडर का तार टूटने, शट डाउन लिए जाने से सप्लाई बाधित होने का असर मठ की आपूर्ति पर नहीं पड़ता रहा है।
विज्ञापन

5 of 8
शव ले जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
इस पड़ताल में बाघंबरी मठ में लगे कुल 43 में से 15 ऐसे कैमरे घटना के दिन बंद पाए गए, जो महंत के आराम कक्ष से बाहर आने के बाद भूतल पर जहां शव मिला उस कक्ष से लेकर मठ के मुख्य प्रवेश द्वार तक का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड करते थे। 
 
विज्ञापन

6 of 8
मौके पर जमा पुलिस और भीड़ - फोटो : अमर उजाला
ये सभी कैमरे क्लाउड-9 कंपनी के थे और इनका मॉनीटर कंट्रोल महंत के निजी कक्ष में लगा है। जिसे सीबीआई ने सील कर दिया है। लेकिन, इन कैमरों से जुड़ी डीवीआर मशीन, जिसमें अचानक खराबी आने की बात कही जा रही है, वह महंत के कक्ष के बाहर लगाई गई थी और घटना के बाद आनन-फानन बाहर भी निकाल दी गई। 

 
विज्ञापन

7 of 8
नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
इस डीवीआर के बैकअप से छेड़छाड़ की भी आशंका है। इन कैमरों का रखरखाव करने वाले हाशिम अली बताते हैं कि गोशाला, स्वामी विचारानंद महाविद्यालय, फव्वारा स्थल से लेकर मठ के मुख्य प्रवेश द्वार तक के क्लाउड-9 कैमरों की डीवीआर हीटिंग की वजह से कुछ दिन पहले ही खराब हो गई थी। इससे इन कैमरों में रिकॉर्डिंग ठीक से नहीं हो पा रही थी। 

8 of 8
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद मंथन करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
हाशिम अली का दावा है कि घटना से कुछ दिन पहले ही महंत को इन कैमरों की डीवीआर खराब होने और रिकॉर्डिंग न आने की जानकारी दी गई थी। इस डीवीआर से आठ से 10 दिन का बैकअप हासिल किया जा सकता है, लेकिन कैमरे कब से और कैसे निष्क्रिय हुए, यह गहरी जांच का विषय बन गया है।
 
विज्ञापन
Next