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हाईकोर्ट के लिए मॉनिटरिंग कमेटी गठित, 25 अप्रैल से जरूरतमंद वकीलों की शुरू करें मदद

Tue, 21 Apr 2020 10:26 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का गठन न हो पाने के कारण कोर्ट ने एक मॉनिटरिंग कमेटी बना दी है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय, निर्वाचित अध्यक्ष अमरनाथ सिंह, पूर्व महासचिव जेबी सिंह, निर्वाचित महासचिव प्रभा शंकर मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव, राज्य सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता विकास चंद्र त्रिपाठी को शामिल किया गया है। कोर्ट ने मॉनिटरिंग कमेटी को बार एसोसिएशन के खातों के संचालन का अधिकार दिया है, जो योजना तैयार कर सहायता देने का कार्य करेगी। 

एल्डर कमेटी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह ने बार के खातों का ब्यौरा पेश किया। इस पर कोर्ट ने कहा कि उनके पास तत्काल मदद के लिए धनराशि है। कमेटी 25 अप्रैल से योजना तैयार कर जरूरतमंद वकीलों की मदद शुरू करे। इसका अलग से अकाउंट रखा जाए। कमेटी हाईकोर्ट परिसर में स्थित बार एसोसिएशन के कार्यालय में अधिवक्ताओं के आने पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखे।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय - फोटो : PTI
कोर्ट ने निबंधक शिष्टाचार आशीष श्रीवास्तव से कहा कि वह कमेटी के सदस्यों को परिसर में आने की अनुमति प्रदान करें। कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश दिया कि वह हाईकोर्ट रूल्स के तहत मुंशियों के  पंजीकरण की प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू करें। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अपील की कि वह अपने स्तर पर मुंशियों की यथासंभव फंड इकट्ठा कर मदद करें। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी कहा कि प्रदेश के सभी जिला अदालतों सहित हाईकोर्ट में कार्यरत मुंशियों के लिए एक कानून बनाने पर विचार करें। याचिका की अगली सुनवाई 5 मई को होगी।  
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डेमो - फोटो : demo pic

इतिहास: सात वकीलों ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बहस   

जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तकनीक की दिशा में नया इतिहास रचा है। दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद समेत सात जगहों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वकील हाईकोर्ट से सीधे जुड़े और बहस की। बार काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्र, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता वीके श्रीवास्तव व अनादि नारायण, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, अवध बार एसोसिएशन के परिहार, हाईकोर्ट एल्डर कमेटी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय, निर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने बहस की। मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट की कंप्यूटराइजेशन कमेटी को इस सफलता के लिए बधाई दी है। 

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advocate

हाइकोर्ट बार के पास पर्याप्त फंड  

अधिवक्ता टीपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पास आपातकालीन सहायता कोष में 18,88,965 रुपये, हाईकोर्ट बार एडवोकेट वेलफेयर फंड में 21 लाख 62 हजार 47 रुपये, एडवोकेट वेलफेयर फंड में 27,48,651 रुपये, हाईकोर्ट बार के खाते में 42,65,719 रुपये मौजूद हैं। चुनाव खर्च के लिए जमा कराई गई सिक्योरिटी धनराशि में से 12 लाख रुपये अभी बचे हैं, जिसमें से साढे छह लाख रुपये बार की अलमीरा में एसोसिएशन कार्यालय में रखे हैं, जिसकी चाभी पूर्व अध्यक्ष राकेश पांडेय के पास है।
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की तरफ सीनियर एडवोकेट बीके श्रीवास्तव ने कहा कि वह ट्रस्टी कमेटी के क्रियाकलापों से संतुष्ट नहीं हैं। अधिवक्ताओं की मृत्यु के बाद उनकी विधवाओं व आश्रितों की तरफ से भेजे गए 300 आवेदन विचाराधीन हैं, जिस पर ट्रस्टी कमेटी निर्णय नहीं ले रही है। इससे उनको मृत्यु पर 5 लाख रुपये देने की योजना पर अमल नहीं हो पा रहा है। लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया गया था और आर्थिक सहायता देने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
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