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महंत नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नोट में लिखी पीड़ा: ...अगर मेरी बदनामी हो गई तो मैं समाज में कैसे रहूंगा, इससे मर जाना ही ठीक है

Wed, 22 Sep 2021 09:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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mahant narendra giri suicide case - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट मंगलवार को मीडिया के सामने आया। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि 'मैं महंत नरेंद्र गिरि मठ बाघंबरी गद्दी बड़े हनुमान मंदिर वर्तमान में अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद बगैर किसी दबाव में यह पत्र लिख रहा हूं। आज मेरा मन आनंद गिरि के कारण विचलित है। जब से आनंद गिरि ने मेरे ऊपर असत्य मिथ्या मनगढ़त आरोप लगाए, तब से मैं मानसिक दबाव में जी रहा हूं। जब भी मैं एकांत में रहता हूं मर जाने की इच्छा होती है। आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी उनके लड़के संदीप तिवारी ने मिलकर मेरे साथ विश्वासघात किया। मुझे जान से मारने का प्रयास किया। सोशल मीडिया फेसबुक एवं समाचार पत्रों में आनंद गिरि ने मेरे चरित्र के ऊपर मनगढ़ंत आरोप लगाए। अब मैं मरने जा रहा हूं, सत्य बोलूंगा। मेरा घर से कोई संबंध नहीं है। मैंने एक भी पैसा घर पर नहीं दिया। मैंने एक-एक पैसा मंदिर एवं मद में लगाया है।
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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : प्रयागराज
2004 में मैं महंत बना। 2004 से पहले और अभी जो मठ एवं मंदिर का विकास किया सभी भक्त जानते हैं। आनंद गिरि द्वारा जो आरोप लगाए गए उससे मेरी और मठ मंदिर की बदनामी हुई। मैं बहुत आहत हूं।
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महंत नरेंद्र गिरी के द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : प्रयागराज
मैं समाज में हमेशा शान से जिया लेकिन आनंद गिरि ने मुझे गलत तरीके से बदनाम किया। हरिद्वार से ऐसी सूचना मिली है कि आनंद गिरि कम्प्यूटर के माध्यम एक लड़की के साथ मेरी फोटो जोड़कर गलत काम करते हुए बदनाम करेगा। आनंद गिरि का कहना है कि महाराज (यानि मैं) आप कहां तक सफाई देते रहेंगे। मैं (नरेंद्र गिरि) गरिमामय पद पर हूं, जिस सम्मान से जी रहा हूं अगर बदनामी हो गई तो मैं समाज में कैसे रहूंगा। इससे मर जाना ही ठीक है। 

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नरेंद्र गिरी के द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : प्रयागराज
इसलिए आज मैं आत्महत्या कर रहा हूं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी जो पहले पुजारी थे और उनको मैंने निकाल दिया तथा आद्या प्रसाद के पुत्र संदीप तिवारी की होगी।
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नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
वैसे में पहले आत्महत्या करने जा रहा था। 13 सितंबर को भी मन विचलित हुआ था लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहा था। एक ऑडियो कैसेट आनंद गिरि ने जारी किया था जिसमें मेरी बदनामी हुई है। 
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नरेंद्र गिरी के द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : प्रयागराज
आज मैं हिम्मत हार गया और आत्महत्या कर रहा हूं। आदित्य मिश्रा एवं शैलेंद्र सिंह से रियल स्टेट के 25-25 लाख रुपये भी मांगता हूं। बलवीर गिरि, मेरी समाधि पार्क में नीबू के पेड़ के पास दी जाए। यही मेरी अंतिम इच्छा है। धनंजय मेरे कमरे की चाबी बलवीर गिरि महाराज को देना। 
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नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बलवीर गिरि एवं पंच परमेश्वर से निवेदन कर रहा हूं मेरी समाधि पार्क के नीबू के पेड़ के पास बना देना। प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि मेरी आत्महत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, जिससे मेरी आत्मा को शांति मिले। ओम नमो नारायण
-नरेंद्र गिरि
 

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नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो)
वसीयत
प्रिय बलवीर गिरि ओम नमो नारायण। 

मैंने तुम्हारे नाम एक रजिस्टर्ड वसीयत की है। जिसमें मेरे ब्रह्मलीन (मरने के बाद) हो जाने के बाद तुम बड़े हनुमान मंदिर एवं मठ बाघंबरी गद्दी का महंत बनोगे। तुमसे मेरा एक अनुरोध है कि मेरी सेवा में लगे विद्यार्थी जैसे मिथिलेश पांडेय, रामकृष्ण पांडेय, मनीष शुक्ला, शिवेश कुमार मिश्रा, अभिषेक कुमार मिश्र, उज्ज्वल द्विवेदी, प्रज्ज्वल द्विवेदी, अभय द्विवेदी, निर्भय द्विवेदी, सुमित तिवारी का ध्यान देना। 

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नरेंद्र गिरि (फाइल फोटो) - फोटो : prayagraj
जिस तरह मेरे समय में रह रहे हैं, उसी तरह तुम्हारे समय में रहेंगे। इन सभी का ध्यान देना। उपरोक्त सभी जिनका मैने नाम लिखा है तुम लोग भी हमेशा बलवीर गिरि महाराज का सम्मान करना। जिस तरह से हमेशा मेरी सेवा एवं मठ की सेवा की, उसी तरह से बलवीर गिरि महाराज एवं मठ मंदिर की सेवा करना।
 
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शव ले जाती एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
वैसे हमें सभी विद्यार्थी प्रिय हैं, लेकिन मनीष शुक्ला, शिवम मिश्रा, अभिषेक मिश्रा मेरे अति प्रिय हैं। कोरोना काल में जब मुझे कोरोना हुआ तब मेरी सेवा सुमित तिवारी ने की। मंदिर में मालाफूल की दुकान मैंने सुमित तिवारी को किरायानामा रजिस्टर की है। मिथिलेश पांडेय को बड़े हनुमान इंपोरियम की दुकान किराये पर दी है। मनीष शुक्ला, शिवेश मिश्रा, अभिषेक को लड्डू की दुकान किराये में दी हैं। 
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