दिल्ली हाईकोर्ट
प्रदेश सरकार ने सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नियमावली बनाई है, जिसे सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई है। एडीएम सिटी ने इसी नियमावली के तहत नोटिस जारी किया है जबकि उनको ऐसा करने का अधिकार नहीं है। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत नहीं दी है लिहाजा नोटिस पर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में विचारणीय प्रकरण एक जनहित याचिका है। जबकि यहां पर याची नेे नोटिस जारी करने वाले प्राधिकारी की अधिकारिता को चुनौती दी है। कोर्ट ने चार जनवरी 2020 को जारी नोटिस के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से एक माह में जवाब मांगा है। याचिका पर 20 अप्रैल को सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि याची सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय को मानने के लिए बाध्य होगा।