उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग की चयन प्रक्रिया में किए गए बदलाव का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को आयोग के सामने जुटे आरक्षण समर्थक छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि आयोग ने अनारक्षित सीट की गलत व्याख्या करते हुए आरक्षित वर्ग को उसके अधिकार से वंचित किया है।
छात्रों ने कहा कि किसी भी स्तर पर आरक्षण का लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयनित न किए जाने का निर्णय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। आयोग ने अनारक्षित वर्ग की सीट की गलत व्याख्या की है। अनारक्षित का मतलब यह है कि जो किसी के लिए आरक्षित नहीं है। किसी भी वर्ग का अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग के कटऑफ की अर्हता प्राप्त करता है तो वह अनारक्षित में चयनित होने का हकदार है। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर आयोग ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा। छात्रों ने आयोग में अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।