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यूपीपीएससी ने की अनारक्षित सीट की गलत व्याख्या, भड़के अभ्यर्थी सड़क पर उतरे

Sat, 15 Feb 2020 01:22 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग की चयन प्रक्रिया में किए गए बदलाव का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को आयोग के सामने जुटे आरक्षण समर्थक छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि आयोग ने अनारक्षित सीट की गलत व्याख्या करते हुए आरक्षित वर्ग को उसके अधिकार से वंचित किया है।

छात्रों ने कहा कि किसी भी स्तर पर आरक्षण का लाभ पाने वाले अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयनित न किए जाने का निर्णय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। आयोग ने अनारक्षित वर्ग की सीट की गलत व्याख्या की है। अनारक्षित का मतलब यह है कि जो किसी के लिए आरक्षित नहीं है। किसी भी वर्ग का अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग के कटऑफ की अर्हता प्राप्त करता है तो वह अनारक्षित में चयनित होने का हकदार है। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर आयोग ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा। छात्रों ने आयोग में अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
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छात्रों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकारें देश के वंचित तबके के अधिकारों से खिलवाड़ कर रही हैं, ताकि वंचित तबके को पूरी तरह से बेदखल किया जा सके। छात्रों ने कहा कि आरक्षण पर हमला नहीं सहेंगे। आयोग की ओर से ओवरलैपिंग की व्यवस्था को समाप्त किया जाना साजिश और वंचित तबके लिए अभिशाप है। धरना-प्रदर्शन में अखिलेश यादव, अविनाश विद्यार्थी, दिनेश चौधरी, राकेश कुमार, शेखर, उदय प्रकाश यादव, अरविंद सरोज, सुनील गौतम, अभिषेक यादव, आशीष सरोज, मोहित पाल, धीरन कुमार, राघवेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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