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प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में तेजी, नाव पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर रोक

Fri, 26 Jun 2020 11:38 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
झमाझम बारिश की वजह से शुक्रवार को गंगा-यमुना की धारा तेज हो गई। गंगा -यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने और घाटों पर कटान की वजह से संगम नोज समेत अन्य तटों से व्यवसायियों और पुरोहितों को पीछे खिसकना पड़ा। तट पर लगी पूजा-प्रसाद की भी दुकानें हटाने का सिलसिला शुरू हो गया। धारा तेज होने से नौका संचालन में भी दिक्कतें आने लगी हैं।

पिछले चार दिनों से हो रही बारिश का असर गंगा-यमुना के प्रवाह पर पड़ने लगा है। सहायक नदियों और नालों से होकर गंगा-यमुना में जलराशि आने लगी है। हालांकि अभी खतरे के निशान से गंगा 12 मीटर दूर है, लेकिन कहा जा रहा है कि इसी तरह प्रवाह बढ़ता रहा तो इस बार समय से पहले बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
शुक्रवार की सुबह आठ बजे केंद्रीय जल आयोग ने फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.82 मीटर रिकार्ड किया। इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर 72.66 मीटर दर्ज किया। इसके बाद हुई जोरदार बारिश से संगम नोज के अलावा रामघाट, दशाश्वमेध घाट, काली घाट, महावीर घाट पर माहौल अस्त-व्यस्त हो गया।

पूजा-प्रसाद की दुकानें समेटनी पड़ गईं। फूलमाला व फेरीवाले भी हटने के लिए मजबूर हो गए। तेज प्रवाह की वजह से नावों को वीआईपी घाट से किला घाट के बीच खड़ा कर दिया गया।
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गंगा घाट। - फोटो : अमर उजाला।
तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी, रमेश मिश्रा ने बताया कि बारिश होने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही चौकियों को सुरक्षित स्थानों पर लेकर जाना पड़ेगा। हालांकि जिंदगियां धीरे-धीरे खिसकने लगी हैं। उधर, जल वृद्धि और बारिश से नौका संचालन  पर भी असर पड़ने लगा है।

नावों पर क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने पर रोक

बहाव और हवा की वजह से संगम पर नावों के लहराने और पलटने का भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में नाविकों को विशेष सतर्कता बरतने और लाइव जैकेट के साथ ही सवारियों को संगम ले जाने के लिए कहा गया है। जिला नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पूलाल निषाद के मुताबिक क्षमता से अधिक सवारियों को नावों से लेकर संगम या अरैल जाने पर रोक लगा दी गई है।
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