उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच में फंसे आयोग के पूर्व सचिव पर जांच एजेंसी का शिकंजा फंदा कसता जा रहा है। पूर्व सचिव के कार्यकाल में ही पीसीएस-2015 की प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर शीट नष्ट करा दी गईं थीं, जबकि सीबीआई को जो ओएमआर शीट सौंपी गईं, वह उस पेपर की हैं जो वायरल हो गया था और इसके बाद आयोग के परीक्षा निरस्त कर पुनर्परीक्षा करानी पड़ी थी।
यानी जिस मेरिट के आधार पर प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, वह सीबीआई को मिली ही नहीं। मामले में अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।