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दवाखानों में आई ड्रॉप, डेटॉल ढूंढते रह जाएंगे, इंसुलिन और शूगर जांच की स्टिप भी नदारद

Mon, 13 Apr 2020 11:45 PM IST
विनोद सिंह मुनेंद्र बाजपेयी, अमर उजाला, प्रयागराज
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dettol - फोटो : Amar Ujala
लॉक डाउन में शहर के गली मोहल्लों के मेडिकल स्टोरों पर शूगर और बीपी की दवाओं के साथ अब आई ड्रॉप और डेटॉल लिक्विड आदि की किल्लत हो गई है। आंखों के इलाज में काम आने वाली अधिकतर अच्छी दवाएं समाप्त हैं। यही नहीं इंसुलिन के साथ अब रेंडम शूगर जांच के लिए स्टिप भी नहीं मिल रही है। लीडर पर थोक दवा विक्रे ताओं के यहां सोमवार को भी दवाओं की खेप नहीं पहुंची, इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। 

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों में हैं। बदले मौसम में लोगों को आंखों में खुजली, जलन, पानी आने की शिकायतें आम हैं। कुछ लोग डॉक्टरों को दिखा रहे हैं तो कुछ फोन पर ही हाल बताकर दवाएं पूछ रहे हैं। परेशानी यह है कि आंखों के इलाज में काम आने वाली प्रमुख दवाएं मिल ही नहीं रही हैं। इंसुलिन, शूगर, बीपी की जरूरी दवाओं की कमी सोमवार को चार दिन बाद भी बनी रही।
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बैरहना के अवी त्रिपाठी आंखों में जलन और खुजली की दवा सोमवार को खोजते रहे। दस मेडिकल स्टोरों का चक्कर लगाया। हार कर एमडीआई आई हॉस्पिटल के सामने पहुंचे तो तीन में दो दवाएं ही मिलीं। इसी तरह गोविंदपुर के नीरज मुंशी पिता जी के लिए शूगर स्टिप खरीदने को भटकते रहे। उन्होंने सांस फूलने की दवा डेरी फाइलिन ओडी -300 कई मेडिकल स्टोरों पर खोजी लेकिन मायूस हुए। कुछ मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की उपलब्धता तो है, लेकिन लॉक डाउन की पाबंदियों से लोग ज्यादा दूर नहीं जा पा रहे हैं।

मेडिकल स्टोर संचालकों के मुताबिक शूगर, बीपी के साथ आई ड्रॉप की बेहद कमी है। थोक विक्रे ताओं के यहां स्टॉक ही नहीं है। दस दवाओं का आर्डर देने पर बामुश्किल दो ही मिल पा रही हैं। बताया जाता है कि ट्रांसपोर्ट में दवाएं फंसी हैं। सोमवार को कुछ दवाएं आईं जो मेडिकल स्टोर संचालकों की मांग के मुकाबले बेहद कम रहीं। 
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नहीं मिल रहे डेटॉल के उत्पाद


दवा बाजार में ही नहीं डेटॉल के उत्पाद परचून की दुकानों से भी गायब हैं। बताते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में डेटॉल लिक्विड प्रभावी है। बोतलों पर इसका अंकन भी है। इस कारण लोग घरों में पानी में डेटॉल घोलकर पोछा लगवा रहे हैं। इसी तरह डेटॉल सोप भी नहीं मिल रहा है। दस रुपये वाला नहाने का साबुन ही कहीं-कहीं ही उपलब्ध है। बड़ी बट्टी मिल जाए तो गनीमत समझिए। वहीं डेटॉल सैनिटाइजर की कीमतें काफी कम हो गई हैं, लेकिन बाजार में उसकी उपलब्धता न के बराबर है। डेटॉल उत्पाद न मिलने से लोग परेशान हैं।

इन दवाओं की है कमी
0 रेंडम शूगर जांच की एक्वाचेक स्टिप
0 नेपूफ्लेम (आई ड्राप)
0 रीफ्रेश टीज (आई ड्राप)
0 टीज फ्रेश जेल (आई ड्राप)
0 रीफ्रेश टीयर (आई ड्राप)
0 नेपा फ्लाम (आई ड्राप)
0 ओलोपैड (आई ड्राप)
0 डेप्सेलिक एफ क्रीम( स्किन या फंगल इंफेक्शन के लिए)
0 डेरी फाइलिन ओडी-300 (सांस फूलने की दवा)
0 टेट्रोफॉल प्लस( हार्ट)

ट्रांसपोर्टरों की दिक्कत से दवाओं की आपूर्ति बाधित है। लखनऊ, वाराणसी के सीएंडएफ से कंपनियों ने आर्डर के मुताबिक दवाएं डिस्पैच की हैं, लेकिन वाहनों के पास न बनने से दिक्कत है, इस संबंध में प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही दवाओं की कमी पूरी हो जाएगी। - अनिल दुबे, अध्यक्ष इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन(होलसेल)

मेडिकल स्टोरों पर कुछ जरूरी दवाओं की कमी है, कहीं-कहीं दवाएं हैं भी लेकिन लोगों को पूरी रेंज नहीं मिल रही है। अगले दो से चार दिन में यह दिक्कत दूर हो जाएगी। -लालू मित्तल, महामंत्री  प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन (फुटकर) 

सभी दवाओं की उपलब्धता कराई जाएगी। थोक ही नहीं फुटकर दवा विक्रेताओं के यहां दवाओं का स्टाक पहुंचे इसकी व्यवस्था की जाएगी। लखनऊ या कहीं से भी परिवहन संबंधी दिक्कतों को दूर कराया जाएगा। - गोविंद लाल गुप्ता औषधि निरीक्षक
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