लॉक डाउन में शहर के गली मोहल्लों के मेडिकल स्टोरों पर शूगर और बीपी की दवाओं के साथ अब आई ड्रॉप और डेटॉल लिक्विड आदि की किल्लत हो गई है। आंखों के इलाज में काम आने वाली अधिकतर अच्छी दवाएं समाप्त हैं। यही नहीं इंसुलिन के साथ अब रेंडम शूगर जांच के लिए स्टिप भी नहीं मिल रही है। लीडर पर थोक दवा विक्रे ताओं के यहां सोमवार को भी दवाओं की खेप नहीं पहुंची, इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों में हैं। बदले मौसम में लोगों को आंखों में खुजली, जलन, पानी आने की शिकायतें आम हैं। कुछ लोग डॉक्टरों को दिखा रहे हैं तो कुछ फोन पर ही हाल बताकर दवाएं पूछ रहे हैं। परेशानी यह है कि आंखों के इलाज में काम आने वाली प्रमुख दवाएं मिल ही नहीं रही हैं। इंसुलिन, शूगर, बीपी की जरूरी दवाओं की कमी सोमवार को चार दिन बाद भी बनी रही।