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दीपपर्व पर आज, ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन

Sun, 27 Oct 2019 12:42 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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diwali in prayagraj - फोटो : प्रयागराज
कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर रविवार को दीपपर्व दीपावली धूमधाम से मनाई जाएगी। शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश और इंद्र-कुबेर का पूजन सभी प्रकार से शुभतादायी रहेगा जबकि तांत्रिक उपासक निशीथकाल यानी अर्द्धरात्रि में की जाएगी। नए कार्य की शुरुआत के साथ ही पुराने व्यापार में लक्ष्मी-गणेश के साथ ही खाता पूजन भी किया जाएगा।
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diwali in prayagraj - फोटो : प्रयागराज
अमावस्या तिथि 27 अक्तूबर को दिन में 11.51 बजे से आरंभ होकर सोमवार को सुबह 9.44 बजे तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा के लिए अबकी स्थिर लग्न में तीन मुहूर्त मिल रहे हैं और तीनों ही व्यापारिक दृष्टि से पूजन के लिए शुभतादायी है। रविवार को प्रदोष काल शाम 5.11 बजे से शाम 7.48 बजे तक है। लेकिन प्रदोष काल व्यापिनी स्थिर लग्न वृष शाम 6.21 बजे से रात 8.18 बजे तक है।
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diwali in prayagraj - फोटो : प्रयागराज
ऐसे में अमावस्या  के साथ ही प्रदोष काल के उत्तम योग के कारण यह मुहूर्त गृहस्थों और कारोबारियों, दोनों के पूजन के लिए श्रेष्ठ है। इस अवधि में लक्ष्मी-गणेश के साथ ही बही खातों का पूजन भी किया जाएगा। इससे पहले स्थिर लग्न कुंभ दिन में 1.44 से 3.15 बजे बजे तक है।

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diwali - फोटो : प्रयागराज
ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के मुताबिक रात 11.50 बजे से भोर में 3.04 बजे तक अमावस्या व्यापिनी महानिशीथ काल में स्थिर लग्न सिंह है, जो कालीपूजा के लिए उत्तम मुहूर्त है। इसी अवधि में तांत्रिक और काली उपासना की जाएगी। अमावस्या व्यापिनी महानिशीथ काल के साथ ही स्थिर लग्न सिंह कालीपूजा के लिए सर्वोत्तम है। वैसे सभी स्थिर लग्नों में गृहस्थ और कारोबारी, दोनों ही लक्ष्मी-गणेश पूजन कर सकते हैं।
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diwali - फोटो : प्रयागराज
ऐसे करें लक्ष्मी पूजन
ज्योतिर्विद डॉ.गिरिजाशंकर शास्त्री के अनुसार अमवास्या पर लक्ष्मी पूजन के लिए ‘श्रीं’ या ‘ऊं श्री महालक्ष्यै नम:’ मंत्र का जाप फलदायी है।
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diwali - फोटो : प्रयागराज
छोटी दीपावली से शुरू हुई जगमग, बहुरे ‘घूर के दिन’
पंचदीप पर्व के दूसरे दिन छोटी दीपावली पर शनिवार से ही उजियारे की शुरुआत हुई। छोटी दीपावली पर घरों में दीप जलाए गए। घरों के साथ ही ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी बिजली की झालरों से आकर्षक तरीके से सजाया गया। परंपरानुसार नरक चतुर्दशी पर घूरे के दिन बहुरने की कहावत भी चरितार्थ हुई। घर के द्वार, अन्न के ढेर और घूर पर दीप जलाए गए। वहीं शहरों में नाली के पास दीप जलाए गए। साथ ही यम की प्रसन्नता के साथ ही वंश वृद्धि, आयुष्य तथा मंगलकामना के लिए भीष्म के निमित्त तर्पण किया गया।
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diwali - फोटो : प्रयागराज
अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार कई घरों में आंगन या पूजा स्थल पर मंत्रोच्चार के बीच गोधूलि वेला में लक्ष्मी-गणेश को आमंत्रित करते हुए उनकी मूर्तियां पूजा स्थल पर स्थापित की गईं। अब अमावस्या पर रविवार को प्रदोषकाल में लक्ष्मी-गणेश के साथ ही इंद्र और कुबेर का भी पूजन किया जाएगा। कई घरों में परंपरा के मुताबिक काजल उतारने के लिए, पूरी रात लक्ष्मी के दोनों ओर एक-एक दीपक जलाकर उसे दूसरे दीपक से इस प्रकार ढंका जाएगा ताकि काजल उतर आए। मान्यता है कि दीपावली को उतारे गए इस काजल से का आंखों की रोशनी बढ़ती है, साथ ही तमाम तरह की आंखों की बीमारियां भी नहीं होती हैं।

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diwal - फोटो : प्रयागराज
काली प्रतिमा विसर्जन को लेकर कमेटियां असमंजस में
प्रयागराज। दीपावली के साथ ही धूमधाम से काली पूजा भी की जाएगी। शहर में साठ से अधिक जगहों पर काली पूजा के लिए प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव डा.पीके राय ने प्रशासन पर काली मूर्तियों के विसर्जन की कोई व्यवस्था न करने का आरोप लगाया है। डॉ.पीके राय के मुताबिक अंदावा में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद वहां की व्यवस्था खत्म कर दी गई थी। दूसरी तरफ रामघाट में कृत्रिम तालाव के रखरखाव में जिला प्रशासन ने अब तक कोई पहल नहीं की है। ऐसी स्थिति में काली पूजा के आयोजक मूर्तियों के विसर्जन को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। प्रशासन काली प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भी कोई व्यवस्था तय करे ताकि आयोजकों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

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diwali - फोटो : प्रयागराज
पूजे जाएंगे गोवर्धनधारी लगेगा अन्नकूट का भोग
प्रयागराज। पंचदिनी दीपपर्व का चौथा पर्व अन्नकूट और गोवर्धनपूजा का पर्व 28 अक्तूबर को मनाया जाएगा। गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण और लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना के बाद अन्नकूट का भोग लगेगा। घरों और मंदिरों में गोवर्धन रूप में रंगोली भी सजाई जाएगी। इसी क्रम में मुट्ठीगंज स्थित मुंशी राम प्रसाद की बगिया के राधाकृष्ण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। संयोजक कुमार नारायण के मुताबिक शाम 7.30 बजे अन्नकूट का भोग लगेगा।

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दीपावली की पूर्व संध्या पर शनिवार को पुलिस लाईन में रंगोली बनाई गई।
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शनिवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में ट्रैक पूजन के दौरान मोमबत्ती से सजाया गया और अतिशबाजी भी हुई।
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