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प्रयागराजः धनतेरस पर खिलखिलाया बाजार, कारोबार 100 करोड़ के पार

Sat, 26 Oct 2019 01:11 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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बाजार है गुलजार - फोटो : अमर उजाला
धनतेरस के साथ ही शुक्रवार को पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज हो गया। धनतेरस पर प्रयागराज के कारोबार में नई तरह की चमक दिखी। खुशियों के बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। पिछले कुछ समय से बाजार में आई आर्थिक सुस्ती दूर करते हुए खरीदारी के मामले में लोगों ने तनिक भी कंजूसी नहीं की। जेवरात हो या फिर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स आइटम हो या फिर कपड़े। धनतेरस के मौके पर बाजार में सबकुछ हाथोंहाथ बिक गया। बाजार में मां लक्ष्मी की मेहरबानी से कारोबारियों के चेहरे पर भी मुस्कान दिखी। किसी ने लाखों का तो किसी ने करोड़ों का धंधा किया। हालांकि रियल स्टेट में इस बार कोई खास हलचल नहीं दिखी। एक अनुमान के मुताबिक धनतेरस के अवसर पर बाजार में एक हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।

रोजमर्रा के बर्तनों की खरीद पर रहा जोर
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा है। भीड़ से बचने के लिए बहुत से लोगों ने पहले ही बर्तन खरीद लिए थे, इसके बावजूद धनतेरस के दिन बर्तन की दुकानों पर ग्राहकों का रेला नजर आया। बर्तन के खरीदारों की भीड़ के चलते ठठेरी बाजार, कटरा, चौक, सिविल लाइंस आदि इलाकों में काफी भीड़ रही। बर्तन की दुकानों पर दोपहर एक बजे के बाद ऐसी भीड़ उमड़ी कि एक-एक कटोरी, प्लेट खरीदने वालों का घंटों समय जाया हुआ। भीड़ के चलते कई ग्राहक अपनी पसंद के बर्तन नहीं खरीद सके। कारोबारियों के मुताबिक इस बार पिछले साल के मुकाबले बर्तन की खरीदारी अधिक हुई। ठठेरी बाजार के कारोबारी उदय कुमार, अरुण कुमार और सिविल लाइंस के गुरु प्रसाद हीरा लाल के शशांक जैन ने बताया कि ज्यादातर खरीदारों का जोर रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले बर्तनों पर रहा। उधर, बर्तन के अलावा लोगों ने किचन स्टैंड, स्टील के टब, इंडक्शन चूल्हे भी खरीदे। नान स्टिक बर्तनों की अच्छी बिक्री हुई। क्राकरी की भी शुक्रवार को अच्छी बिक्री हुई। कारोबारियों के मुताबिक शनिवार को नरक चतुर्दशी पर भी बर्तन बाजार गुलजार रहेगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रयागराज में धनतेरस के दिन ही 50-60 करोड़ रुपये के बर्तन आदि बिक गए।

खत्म हो गए चांदी के सिक्के, सहालग के लिए लोगों ने खरीदारी
धनतेरस पर सराफा की दुकानों में जमकर खरीदारी हुई। तमाम शोरूम में आकर्षक सजावट भी की गई। शहर के कई बड़े शोरूम में दोपहर से ही ग्राहकों की भीड़ लग गई थी। खरीदारी का आलम यह रहा कि चौक, रानीमंडी, सिविल लाइंस के कई शोरूम में चांदी और सोने के सिक्के खत्म हो गए। इसके चलते कई ग्राहकों को निराश लौटना पड़ा। धनतेरस पर सोने की अपेक्षा चांदी के सिक्के खरीदने वालों की संख्या अधिक रही। खासतौर से विक्टोरिया वाले सिक्केे आज खूब बिके। इस दौरान सहालग के लिए भी लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की। ममफोर्डगंज के राजीव सिंह अपनी बेटी की शादी के लिए पत्नी शिल्पी के साथ सिविल लाइंस स्थित तनिष्क शोरूम पहुंचे।

उन्होंने अंगूठी, इयर रिंग्स, पायल आदि वहां से खरीदी। राजीव ने बताया कि धनतेरस की वजह से ही उन्होंने आज खरीदारी की। इसके अलावा शहर के पीसी ज्वैलर्स, भगतराम जय नारायण सिविल लाइंस, सागर ज्वैलर्स, रिलायंस ज्वैल्स, सिसोदिया जेम्स एंड ज्वेल्स सिविल लाइंस, मनमोहन दास ज्वैलर्स रानीमंडी, महालक्ष्मी ज्वैलर्स, आधुनिक ज्वैलर्स कोठापार्चा, राणा ज्वैलर्स सिविल लाइंस, काशी आर्नामेंटस, लक्ष्मी ज्वेल्स कटरा, काशी आर्नामेंट हाउस कोठी, बच्चा जी ज्वैलर्स रानीमंडी आदि शोरूम में ग्राहकों ने सोने, चांदी के सिक्के, पायल, बिछिया, इयर रिंग्स, अंगूठी आदि के साथ सोने तथा डायमंड के आभूषणों में रुचि दिखाई। तनिष्ठ के अजमत ने बताया कि इस बार बाजार बेहतर रहा। सिसोदिया जेम्स एंड ज्वेल्स सिविल लाइंस के उत्कर्ष ने बताया कि लोगों ने सहालग के लिए भी खरीदारी की। बाजार के जानकारों के मुताबिक इस बार धनतेरस पर सिर्फ ज्वैलरी बाजार में ही 180 से 200 करोड़ तक का कारोबार हुआ।

इलेक्ट्रानिक्स बाजार रहा गुलजार, रात तक होती रही खरीदारी
धनतेरस के दिन इलेक्ट्रानिक्स सामानों की जमकर खरीदारी हुई। सभी कंपनियों के इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद मिला दिए जाएं तो शहर में 100-110 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सबसे ज्यादा एलईडी टीवी की बिक्री हुई। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवं कई अन्य नए फीचर वाली एलईडी टीवी खरीदने वालों की संख्या भी उत्साहजनक रही। वॉशिंग मशीन, फ्रिज, माइक्रोवेव, गीजर, एसी एवं अन्य उपकरण भी लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदे। तमाम कंपनियों की ओर से दिए गए ऑफर की वजह से शहरियों ने आगामी सहालग सीजन को देखते हुए भी खरीदारी कर डाली।

विवेकानंद मार्ग, जीरोरोड, चौक, कटरा आदि बाजार में रोड पटरी तक फ्रिज, वॉशिंग मशीन आदि सजा दिए गए थे। केके सेल्स के प्रोपराइटर केके श्रीवास्तव ने बताया ग्राहकों को कंपनियों की ओर से दिए गए कैशबैक ऑफर काफी पसंद आए। मोबाइल शोरूमों पर भी भीड़ रही। इंदिरा भवन, लक्ष्मण मार्केट, सिविल लाइंस, कोठापार्चा स्थित तमाम मोबाइल की दुकानों पर लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल खरीदे। इसके अलावा माइक्रोवेव, अवन, आयरन, मिक्सर, गीजर, वाटर प्यूरीफायर, झालर एवं अन्य इलेक्ट्रानिक्स आइटम का कारोबार भी अच्छा रहा। लकी ट्रेडर्स राजरूपपुर के अखिलेश सिंह ने बताया कि लंबे समय बाद मार्केट में ग्राहकों का अच्छा रिस्पांस मिला। बाला जी कंज्यूमर के आशीष सिन्हा और जैन इलेक्ट्रानिक्स के अभिषेक जैन ने बताया इलेक्ट्रानिक्स सामानों की बिक्री बेहतर रही।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में लौटी खुशहाली
पिछले कुछ समय से ऑटो मोबाइल सेक्टर में आई सुस्ती फेस्टिवल सीजन ने दूर कर दी। शुक्रवार को वाहन बाजार में लक्ष्मी ज्यादा मेहरबान रहीं। धनतेरस के पहले ही इस सेक्टर में लौटी खुशहाली ने सैकड़ों वाहनों की बुकिंग इस पर्व के पूर्व ही लोगों ने करवा रखी थी। तमाम लोगोें ने बुक किए वाहनों की डिलीवरी धनतेरस के दिन ली। शोरूम में इतनी भीड़ थी कि गाड़ी खरीदने सुबह पहुंचे तमाम ग्राहक शाम तक घर लौटे। कई तो देर रात गाड़ियां लेकर जाते दिखे। हीरो, बजाज, हाेंडा, टीवीएस, यामाहा, सुजुकी आदि कंपनियों के तकरीबन छह हजार दुपहिया वाहन बिके।
एक वाहन की औसत कीमत अगर 65 हजार मानी जाए तो 52 करोड़ के सिर्फ दोपहिया वाहन ही बिक गए। इसी तरह टाटा, महेंद्रा, हुंडई, मारुति, टोयटा आदि कंपनियों के सभी तरह के चार पहिया वाहन की बिक्री का आंकड़ा 1400 के आसपास रहा। इसके अलावा तकरीबन 600 विभिन्न तरह के कामर्शियल वाहन भी बिके। भीड़ होने की वजह से जिन्हें वाहन नहीं मिल सके उनसे डीलरों ने नरक चतुर्दशी और दिवाली के दिन डिलीवरी करने का वादा किया। जीपी मोटर्स टाटा के मनीष मिश्र, हुंइई के देवर्षि अग्रवाल, ग्रीनलैंड मोटर्स (मारुति) के आयुष खेत्रपाल ने बताया कि इस बार बाजार बेहतर रहा। बताया जा रहा है कि 300 से ज्यादा मारुति, 150 से ज्यादा हुंडई, 100 के आसपास टोयटा आदि वाहनों की बिक्री हुई।

फर्नीचर मार्केट में रौनक
धनतेरस के मौके पर शहर का फर्नीचर मार्केट भी गुलजार रहा। बांस मंडी, बहादुरगंज, सिविल लाइंस, चौक, मुट्टीगंज, कटरा समेत अन्य बाजारों के फर्नीचर शोरूमों में डबल बेड, सोफा, डाइनिंग टेबल, कुर्सी, ड्रेसिंग टेबल, सेंटर टेबल पसंद की गई। फर्नीचर कारोबारी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिवाली के बाद सहालग शुरू हो जाएगी। इस वजह से लोगों ने उसके लिए खरीदारी कर डाली। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 20 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं दूसरी ओर फर्नीचर कारोबारी मो. इरफान ने भी इस बार कारोबार को बेहतर बताया।

ड्राईफ्रूट्स और गिफ्ट की भी खूब हुई बिक्री
शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर ड्राईफ्रूूटस एवं मिठाई की भी खासी धूम रही। बड़ी मिठाई की दुकानों पर ड्राईफ्रूट्स एवं तरह-तरह की मिठाई के गिफ्ट पैक की डिमांड काफी अधिक रही। बड़े जनरल स्टोर एवं कंफेक्शनरी की भी तमाम दुकानों पर ड्राईफ्रूट्स के काफी गिफ्ट पैकेट बिके। स्टेटमैन बेकरी के प्रोपराइटर राशिद सगीर ने बताया कि ड्राईफू टस के गिफ्ट पैकेट के साथ चॉकलेट आदि को दिवाली पर उपहार के तौर पर लोग एक दूसरे को देते हैं। सिविल लाइंस स्थित कामधेनु स्वीटस, अशोक नगर स्थित सैनिक स्वीटस, जीरोरोड में भगवान दास प्रहलाद दास, कटरा में नेतराम, कान्हा स्वीटस, बहादुरगंज में सुलाकी लाल आदि दुकानों पर दिन भर मिठाई खरीदने वालों की भीड़ रही। धनतेरस पर रेडीमेड कपड़े का मार्केट भी खूब चमक गया। चौक हो या फिर सिविल लाइंस, कटरा हो या फिर कोठापार्चा। इन सभी इलाकों की छोटी-बड़ी दुकानों एवं शोरूम में हर वर्ग के आयु वर्ग के कपड़े बिके।

हल्का रहा रियल स्टेट, पटाखा बाजार में हरियाली
धनतेरस पर भी रियल स्टेट का कारोबार ज्यादा रफ्तार नहीं पकड़ सका। नैनी, मुंडेरा, डांडी, झूंसी, सिविल लाइंस आदि इलाकों में बनी निजी बहुमंजिला आवासीय योजना में 80 से ज्यादा लोगों ने धनतेरस के अवसर पर फ्लैट बुक करवाएं। रियल स्टेट कारोबारी योगेश गोयल ने बताया कि धनतेरस पर औसत ही व्यवसाय रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से रियल स्टेट पूरी रफ्तार से नहीं दौड़ पा रहा है। वहीं दूसरी ओर शहर के पटाखा बाजार में शुक्रवार को जरूर हरियाली दिखी। बाजार में इको फ्रेंडली पटाखों की खूब पूछताछ हुई। हालांकि महंगा होने की वजह से कम लोगों तक ही इसकी पहुंच रही। वहीं शिवकाशी तमिलनाडु के फैंसी पटाखे शुक्रवार को शहर में ज्यादा बिके। पटाखे के थोक कारोबारी मो. कादिर ने बताया कि धनतेरस से पटाखा बाजार रफ्तार पकड़ता है। अभी शनिवार और रविवार को भी शहरी अपनी क्षमता के अनुसार पटाखे खरीदेंगे। उधर घरों को सजाने के लिए लोगों ने झालर आदि की भी शुक्रवार को खरीद फरोख्त की।

प्रयागराज में कहां कितने का हुआ कारोबार
चारपहिया-दुपहिया वाहन 250 करोड़ रुपये
रियल स्टेट 90 करोड़ रुपये
कामर्शियल एवं कृषि वाहन 50 करोड़ रुपये
ज्वैलरी बाजार 200 करोड़ रुपये
इलेक्ट्रानिक्स आइटम 150 करोड़ रुपये
बर्तन 60 करोड़ रुपये
ड्राईफ्रूट्स-मिठाई 40 करोड़ रुपये
फर्नीचर 25 करोड़ रुपये
कपड़े 30 करोड़ रुपये
आतिशबाजी 30 करोड़ रुपये
गिफ्ट आइटम 20 करोड़ रुपये
झालर और सजावटी समान 20 करोड़ रुपये
लाई-लावा, खिलौने 10 करोड़ रुपये
मूर्ति, फूल 10 करोड़ रुपये
अन्य 15 करोड़ रुपये
नोट:- अनुमानित आकड़ें, बाजार के जानकारों के मुताबिक
Prayagraj: Business on Dhanteras crosses 100 crores- फोटो : CITY DESK
 
Prayagraj: Business on Dhanteras crosses 100 crores- फोटो : CITY DESK
 
Prayagraj: Business on Dhanteras crosses 100 crores- फोटो : CITY DESK
 
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dhanteras in prayagraj - फोटो : प्रयागराज
शुक्रवार को सिविल लाइन में दीपावली के लिए घरौंदे की खरीदारी की।
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