दीप पर्व पर लंबे समय से सुस्त पड़े बाजार में भी रौनक लेकर आया है। धनतेरस पर बृहस्पतिवार को करीब 800 करोड़ रुपये की खरीदारी की बात कही जा रही है। चूंकि इस बार दो दिन धनतेरस है। ऐसे में व्यापारियों को शुक्रवार को भी बड़े स्तर पर खरीदारी की उम्मीद है।
विज्ञापन
2 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : prayagraj
धनतेरस पर कोविड संक्रमण का भय नहीं दिखा और करीब सभी बाजारों में लोगों की देर रात तक भीड़ रही। चौक, कटरा, सिविल लाइंस समेत सभी बाजारों में गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, लाई-चूड़ा, बर्तन, मोबाइल आदि की दुकानों पर लोगों की लगातार आवाजाही बनी रही।
विज्ञापन
3 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : prayagraj
कटरा में बर्तन के व्यापारी राममूरत का कहना था कि लाकडाउन तथा अन्य कारणों से पिछले सात-आठ महीनों से लोगों ने खरीदारी नहीं की। ऐसे में जरूरत की सामानों की अधिक मांग रही। इसकी वजह से हर तरत के बर्तन बिके।
4 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : prayagraj
बाजार में सबसे अधिक बूम आटोमोबाइल के क्षेत्र में दिखा। वहीं ज्वैलरी की भी लोगों ने खूब खरीदारी की। सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलदीप सोनी का कहना था कि धनतेरस पर बाजार में रौनक दिखी।
विज्ञापन
5 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी करते लोग।
- फोटो : prayagraj
पिछले वर्ष भी धनतेरस के दिन इतनी राशि का बिजनेस हुआ था लेकिन इस बार की तुलना में सोना काफी सस्ता था। इस लिहाज पिछले साल की तुलना में करीब 40 फीसदी कम बिक्री हुई। हालांकि अभी शुक्रवार को भी धनतेरस की खरीदारी होगी।
विज्ञापन
6 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बाजारों में खरीददारी के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : prayagraj
इससे सर्राफा कारोबारियों को काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ अरब रुपये की इलेक्ट्रानिक्स वस्तुओं की भी बिक्री की बात कही जा रही है। झूंसी के टीवी, फ्रीज आदि वस्तुओं के व्यावसाई फरहान का कहना था कि कुछ दिन पहले तक काफी निराशा थी लेकिन धनतेरस के दिन काफी बिक्री हुई।
विज्ञापन
7 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर बाजारों में खरीददारी के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : prayagraj
पिछले वर्ष से तुलना तो नहीं की जा सकती लेकिन काफी अच्छा रहा। टीवी समेत कई इलेक्ट्रानिक्स वस्तुओं की कीमत भी कम हुई है। इसका भी फायदा हुआ। जिले में करीब 75 करोड़ रुपये के बर्तन तथा 40 करोड़ रुपये के ड्राई फ्रूट और मिठाइयों की भी बिक्री की बात कही जा रही है।
8 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर जमकर हुई कार की बिक्री।
- फोटो : prayagraj
आटोमोबाइल के बाजार में बूम
नतेरस पर आटोमोबाइल के बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। हर तरह के चार और दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई और करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये के कारोबार की बात कही जा रही है। खास यह कि बुकिंग को देखते हुए शुक्रवार को भी इसी तरह की बिक्री की उम्मीद है। इन दो दिनों में आठ हजार दो पाहिया तथा एक हजार चार पाहिया वाहनों की बिक्री के दावे किए जा रहे हैं।
9 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर आटोमोबाइल बाजार में जमकर रौनक रही।
- फोटो : prayagraj
चार पहिया वाहनों में कार के अलावा कामर्शियल तथा कृषि से संबंधित वाहन भी शामिल रहे। चार पहिया वाहनों में पांच से 12 लाख रुपये तक के कीमत वाले अधिक वाहन बिके। व्यापारियों के अनुसार अप्रैल-मई शादी का सीजन होता है लेकिन कोविड संक्रमण तथा लाकडाउन की वजह से लोगों ने शादियां टाल दीं। अब वह शादियां भी जाड़े में होंगी।
10 of 12
prayagraj news : धनतेरस पर आटोमोबाइल बाजार में खासी रौनक देखी गई।
- फोटो : prayagraj
कान्हा मोटर्स के विशाल का कहना है कि कोविड संक्रमण से बचने के लिए लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बच रहे हैं। इसलिए चार पहिया और दो पहिया दोनों ही तरह के वाहनों की बिक्री हुई। विशाल का कहना है कि पिछले वर्ष धनतेरस की तुलना में इस बार 20 फीसदी की ग्रोथ है। वहीं चार पहिया वाहनों के एक डीलर का कहना है कि कोविड तथा बाजार में मांग नहीं होने की वजह से इस बार लंबे समय तक गाडिय़ों का उत्पादन नहीं हुआ। इसकी वजह से बहुत से लोगों को वापस होना पड़ा।
11 of 12
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
जमीन-मकान की खरीद भी 90 से 100 करोड़ रुपये की
जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री भी कराई। धनतेरस के दिन 90 से 100 करोड़ रुपये की जमीन-मकान के बयनामे हुए। अकेले सदर तहसील में ही बृहस्पतिवार को 46 लोगों ने रजिस्ट्री कराई। उन्होंने 74 लाख 23 हजार 458 रुपये के स्टांप खरीदे। वहीं 12 लाख 20 हजार 530 रुपये सरकारी फीस जमा किए। इस लिहाज से शहर में ही करीब साढ़े बारह करोड़ रुपये की जमीन एवं मकान की खरीदारी हुई।
prayagraj news : सिविल लाइंस रोडवेज बस अड्डे पर उमड़ी यात्रियों की भारी भीड़।
- फोटो : prayagraj
त्योहार पर बसों में खड़े होकर किया सफर, आने वाली ट्रेनें भी फुल
दीप पर्व पर रेलवे और बस स्टेशनों में भीड़ का आलम बना हुआ है। त्योहार पर घर आने और जाने वालों की लगातार आवाजाही बनी रही। बसों में तो कोविड संक्रमण का भी भय नहीं दिखा तथा लोग खड़े होकर सफर करते दिखे। अधिक सवारी होने की वजह से दिल्ली तथा गोरखपुर-वाराणसी के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गईं। वहीं रेलवे की ओर से पहले ही विशेष ट्रेनों की घोषणा की जा चुकी है। बृहस्पतिवार को ज्यादातर ट्रेनें फुल रहीं। दिल्ली, महाराष्ट्र से आने वाली करीब सभी ट्रेनों में प्रतिक्षा सूची लंबी है। यही स्थिति बिहार की तरफ जाने वालों ट्रेनों में भी रहीं। हालांकि इन दिनों दिल्ली, महाराष्ट्र जाना थोड़ा आसान रहा। प्रयागराज समेत अन्य ट्रेनों में लोगों को रिजर्वेशन मिल गए। बृहस्पतिवार को बसों में तो अधिक भीड़ रही। भीड़ का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि आम दिनों में गोरखपुर और वाराणसी के बीच 40 से 42 बसें चलाई जाती हैं। वहीं बृहस्पतिवार 60 बसें चलाई गईं। दिल्ली के लिए जाने वालों की तो भीड़ नहीं रही लेकिन वहां से आने वालों की लंबी कतार रही। इसकी वजह से यहां से 20 बसें भेजी गईं।
त्योहार और सर्दियों में रेलवे चलाएगा 227 विशेष ट्रेनें
त्योहारों और जाड़े की सीजन में उत्तर मध्य रेलवे की ओर से 227 विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 73 त्यौहार विशेष ट्रेनें हैं। ट्रेनों के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे प्रशासन की ओर से यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए रिजर्वेशन काउंटर के बाहर वाणिज्यिक कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं। वे फार्म भरवाने में मदद करेंगे। इसके बाद यात्री काउंटर पर जाएंगे। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त काउंटन खोले जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षित और समय से ट्रेनों के संचालन के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं।