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यस बैंक के साथ व्यापार पर भी संकट, बैंक से निराश होकर लौट रहे लोग

Sun, 08 Mar 2020 08:41 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
एसबीआई का भरोसा मिलने के बाद यस बैंक के खाताधारकों में समस्या के जल्द समाधान की उम्मीद  जगी है लेकिन फिलहाल उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खाते से सभी तरह के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। यहां तक कि एकाउंट पेई चेक भी स्वीकार नहीं है। चेक से सिर्फ कैश लिया जा सकेगा। कैश भी सिर्फ खाताधारक को मिलेगा। इन पाबंदियों की वजह से व्यापार पर भी बुरा असर पड़ने लगा है।

बैंक अफसरों के अनुसार यहां की तीनों शाखाओं में करीब दो हजार खाताधारक हैं। इनमें ज्यादातर व्यापारियों एवं पेंशनर्स के खाता हैं। इसके अलावा सैलेरी एकाउंट हैं। बैंक में आर्थिक संकट की सूचना के बाद शनिवार को भी शाखा में ग्राहकों की भीड़ जुटी। इनमें से ज्यादातर ने अधिकतम राशि यानी, 50 हजार रुपये निकाले। इस आर्थिक संकट को लेकर उनमें निराशा और नाराजगी भी रही। व्यापारियों में ज्यादा नाराजगी रही। विजय कश्यप, रोहित आदि का कहना था कि पैसा ट्रांसफर भी नहीं हो रहा है। इसके अलावा आरटीजीएस से भी भुगतान की अनुमति नहीं है। इससे दूसरे फर्मों का भुगतान रुक गया है। आखिर क्रेडिट पर कितने दिनों तक व्यापार चलेगा।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
जल्द समाधान नहीं निकला तो पूरा बिजनेस प्रभावित हो जाएगा। वहीं राकेश तिवारी का कहना था कि  सरकार पर भरोसा है। इसके अलावा एसबीआई मदद कर रही है। इसलिए उम्मीद है कि जल्द ही गतिरोध दूर होगा। इसके विपरीत दवा व्यवसाय से जुड़े एक  खाताधारक ने इस पूरी स्थिति के लिए सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि सरकार के दबाव पर अंबानी ग्रुप को भारी भरकम कर्ज दे दिया गया। अब ग्रुुप ने पैसा नहीं दिया और बैंक गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उनका यह भी कहना था कि बैंक के दिवालिया होने पर अधिकतम पांच लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इसी तरह से यह भी तय होना चाहिए कि खाता में कितनी राशि रखी जाए। सिविल लाइंस शाखा पहुंचे पूर्व मंडलायुक्त बादल चटर्जी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। बैंक की शाखाओं से पैसा निकालने के लिए शाम तक ग्राहक पहुंचते रहे।

शादी के लिए प्राप्त की जा सकती है अधिक राशि
0 राजापुर के जितेंद्र की बहन की शादी है। उन्हें अफसरों ने बताया कि  एक एफिडेबिट देकर वह शादी के लिए अधिक राशि प्राप्त कर सकते हैं। अफसरों ने ग्राहकों को बताया कि  शादी के अलावाकिसी गंभीर बीमारी के इलाज, शिक्षा के लिए भी जरूरत के अनुसार राशि प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा।

‘कल भी बैंक आए थे लेकिन पैसा नहीं मिला। आज 50 हजार रुपये निकालने दिया गया लेकिन इस राशि से क्या होगा। दूसरे फर्मों को भुगतान करना है। आरटीजीएस से भी भुगतान की अनुमति नहीं दी गई। व्यापार प्रभावित हो गया है।’
सुभाष चौधरी, व्यापारी-सिविल लाइंस

‘50 हजार रुपये मिल गए। कोई विशेष परेशानी नहीं होगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी का पैसा नहीं डूबेगा। इसके अलावा एसबीआई का भी हस्तक्षेप है। उम्मीद है जल्द समस्या का समाधान होगा।’
विजय शर्मा, व्यापारी
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