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प्रतापगढ़ में एटीएम कार्ड का क्लोन बना रकम उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

Tue, 23 Jun 2020 10:27 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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pratapgarh news - फोटो : prayagraj
मास्टर क्लोनिंग मशीन के जरिए एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर खाते से रुपये उड़ाने वाले अंतर प्रांतीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए चार बदमाशों को दबोच लिया। उसके पास से मास्टर क्लोनिंग मशीन, रीड मशीन, रीड डिवाइस समेत 38 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह ने अपना जाल मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत अन्य प्रदेशों में भी फैला रखा था। गिरोह के लोग अब तक 600 एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर लाखों रुपये उड़ा चुके हैं। उनका एक साथी डिवाइस लेकर फरार है। 

पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि आए दिन लोगों के एटीएम कार्ड से रुपये निकलने की शिकायतें मिल रही थीं। गिरोह की धरपकड़ के लिए सीओ सिटी अभय पांडेय की देखरेख में स्वॉट टीम प्रभारी अजय सिंह व कोतवाली पुलिस को लगाया गया था।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
सोमवार की रात पुलिस व स्वॉट टीम ने बड़ा का पुरवा नहर पुलिया के पास से 4 बदमाशों को धर दबोचा जबकि एक बदमाश भागने में कामयाब रहा। पूछताछ में गिरोह के सरगना नेमचंद्र सरोज पुत्र रामकरन सरोज निवासी बढनी थाना जेठवारा, राजेंद्र उर्फ कल्लू डान पुत्र रामशिरोमणि सिंह निवासी सिटकहा मोहनगंज नगर कोतवाली, कपिल वर्मा पुत्र राजाराम वर्मा निवासी बढनी व कृष्णवीर सिंह यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी सरियापुर थाना जेठवारा ने बताया कि साथी अंकित सिंह उर्फ शिवेंद्र सिंह पुत्र रामकुमार सिंह निवासी नौबस्ता जेठवारा के साथ मिलकर वह कई सालों से लोगों को झांसा देकर एटीएमकार्ड का क्लोन बनाकर खाते से रुपये उड़ाने का काम कर रहे हैं।
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एटीएम - फोटो : पेक्सेल्स
सभी अभी तक लाखों रुपये उड़ा चुके हैँ। प्रयागराज के करेली में कुछ दिनों पहले नेमचंद्र व कपिल पकड़े गए थे। उस घटना में राजेंद्र सिंह कल्लू डान वांछित था। बदमाशों के पास से कार्ड क्लोनिंग मशीन, एमएसआर मशीन, रीड डिवाइस, 38 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, 12 चेकबुक, 7 पासबुक, कार, स्कूटी, दो तमंचे, 20 कारतूस, चार मोबाइल व 1350 रुपये बरामद किए गए हैं। फरार अभियुक्त अंकित की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है। यह गिरोह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत कई प्रदेशों में घटनाओं को अंजाम देता था।

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atm - फोटो : amar ujala

नेमचंद्र है मास्टरमाइंड

एटीएम हैक कर रुपये उड़ाने वाले गिरोह के सरगना नेमचंद्र ने पीजीडीसीए का डिप्लोमा किया है। उसने कुछ दिनों तक एचपी कंपनी में वेबसाइट साफ्टवेयर की मार्केटिंग में काम किया। पूछताछ में उसने बताया कि सबसे पहले उसने घुइसरनाथ अमावा के रहने वाले मनीष कुमार पाल के साथ रुपये उड़ाने का काम सीखा था। पहले उसके गैंग में कपिल वर्मा, कल्लू डान, कृष्णवीर सिंह, अंकित, ऋषिकेश थे।
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atm - फोटो : amar ujala
बाद में सभी मनीष पाल से अलग हो गए। वर्ष 2013 में सबसे पहले सुलतानपुर में घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 2018 तक मध्यप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र व दिल्ली समेत अन्य प्रांतों में एटीएम क्लोन तैयार कर रुपये उड़ाता रहा। अब तक करीब 600 लोगों का कार्ड बदलकर लाखों रुपये उड़ा चुके है। हर कार्ड में 20 से 25 हजार रुपये तक आसानी से मिल जाते थे। एटीएम से उड़ाए रुपये से ही घर बनवाया और कार खरीदी।
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atm frauds

मदद के बहाने एटीएम कर लेते थे स्कैन

पकड़े गए बदमाश एटीएम पहुंचने वाले कम पढ़े-लिखे व बुजुर्ग लोगों को देखकर पहुंच जाते थे। मदद के बहाने उनके एटीएम कार्ड को मिनी डिवाइस की मदद से स्कैन कर लेते थे। जिससे उसका डाटा डिवाइस में आ जाता था। दूसरा साथी चोरी से पिन कोड देख लेता था। मिनी डिवाइस डीएक्स थ्री को लैपटाप से कनेक्ट करके राइट रीड यूटिलिटी प्रोग्राम साफ्टवेयर की मदद से क्लोन एटीएम कार्ड तैयार कर लेते थे। चोरी किए गए पासवर्ड की सहायता से किसी भी एटीएम से रुपये निकाल लेते थे।
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atm

चंदौली से खरीदी थी कार्ड क्लोनिंग मशीन

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बदमाशों ने कार्ड क्लोनिंग मशीन आनलाइन मंगवाई थी। यह मशीन इंडिया मार्ट से जुड़े रिटेलर से चंदौली में खरीदी थी। इस मशीन को एटीएम में लगाते हैं। यह एटीएम में आने वाले ग्राहकों का एटीएम कार्ड डाटा सुरक्षित कर लेती है। रिफिइड डिवाइस के बारे में बताया कि कांटेक्ट आईसी चिप रीडर राइटर का प्रयोग चिप लगे हुए कार्ड का डेटा निकालने में किया जाता है, यह मशीन भी इंडिया मार्ट की वेबसाइट से खरीदी थी। मिनी डिवाइस डीएक्स थ्री मशीन अंकित के पास है।
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