प्रदेश की सनसनी बने उमेश पाल हत्याकांड का एक शूटर अरबाज सोमवार को जिस नेहरू पार्क में मार गिराया गया, वह पहले भी बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ के लिए चर्चित रहा है। छह साल पहले भी इसी नेहरू पार्क में गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा था और तब पुलिस ने बांदा के सुपारी किलर रामबाबू को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। तब सुपारी किलर को पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगी थी, जबकि बदमाशों की फायरिंग में एक सिपाही जख्मी भी हुआ था।
धूमनगंज स्थित नेहरू पार्क यूं तो जीटी रोड से लगभग लगा हुआ है, लेकिन पिछले काफी समय से यह स्थान जंगल में ही तब्दील हो गया है। ऐसे में यहां लोगों का आना जाना कम ही होता है। सुबह के समय कुछ लोग मॉर्निंग वॉक के लिए जरूर आते हैं। सूनसान होने की वजह से ही यह बदमाशों और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का प्रमुख केंद्र भी है। फिर चाहे वह अपराधी हों यह नशे के तस्कर, इन्हें अक्सर यहां देखा जा सकता है।