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Prayagraj : छह साल बाद गोलियों की तड़तड़ाहट से फिर थर्राया नेहरू पार्क, 2017 में हुई थी दो बदमाशों से मुठभेड़

Tue, 28 Feb 2023 04:41 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रदेश की सनसनी बने उमेश पाल हत्याकांड का एक शूटर अरबाज सोमवार को जिस नेहरू पार्क में मार गिराया गया, वह पहले भी बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ के लिए चर्चित रहा है।
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Prayagraj News : पीपलगांव में इसी स्थान पर किया गया अरबाज का एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।

प्रदेश की सनसनी बने उमेश पाल हत्याकांड का एक शूटर अरबाज सोमवार को जिस नेहरू पार्क में मार गिराया गया, वह पहले भी बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ के लिए चर्चित रहा है। छह साल पहले भी इसी नेहरू पार्क में गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा था और तब पुलिस ने बांदा के सुपारी किलर रामबाबू को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। तब सुपारी किलर को पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगी थी, जबकि बदमाशों की फायरिंग में एक सिपाही जख्मी भी हुआ था।

धूमनगंज स्थित नेहरू पार्क यूं तो जीटी रोड से लगभग लगा हुआ है, लेकिन पिछले काफी समय से यह स्थान जंगल में ही तब्दील हो गया है। ऐसे में यहां लोगों का आना जाना कम ही होता है। सुबह के समय कुछ लोग मॉर्निंग वॉक के लिए जरूर आते हैं। सूनसान होने की वजह से ही यह बदमाशों और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का प्रमुख केंद्र भी है। फिर चाहे वह अपराधी हों यह नशे के तस्कर, इन्हें अक्सर यहां देखा जा सकता है।

 

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Prayagraj News : पीपलगांव में इसी स्थान पर किया गया अरबाज का एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।

सोमवार को यहां हुई मुठभेड़ में उमेश पाल हत्याकांड का एक आरोपी अरबाज पुलिस की जवाबी फायरिंग में ढेर हो गया। हालांकि पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की नेहरू पार्क में यह पहली घटना नहीं है। 22 अक्टूबर 2017 को धूमनगंज पुलिस ने बांदा के सुपारी किलर रामबाबू को पुलिस मुठभेड़ में इसी पार्क में गिरफ्तार किया था।

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Prayagraj News : पीपलगांव में इसी स्थान पर किया गया अरबाज का एनकाउंटर। - फोटो : अमर उजाला।

रामबाबू ने शोध छात्र उपेंद्र यादव की हत्या की थी। वह सुपारी के बचे हुए 50 हजार रुपये वसूलने आया था। नेहरू पार्क में पुलिस ने उसे घेरा तो दोनों ओर से करीब आठ राउंड गोलियां चलीं। एक गोली बदमाश रामबाबू के पैर में लगी। मुठभेड़ में एक पुलिस कर्मी भी जख्मी हो गया। राम बाबू का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। आठ व नौ अगस्त 2017 की रात म्यौराबाद में शोध छात्र उपेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या के पीछे एक छात्रा से संबंधों को लेकर दो युवकों में विवाद रहा था। इलाहाबाद में कंपटीशन की तैयारी के लिए आई हमीरपुर की छात्रा के पहले बांदा निवासी प्रतियोगी छात्र आनंद मिश्रा से संबंध थे। बाद में छात्रा के संबंध गाजीपुर के रहने वाले शोध छात्र उपेंद्र यादव से हो गए। छात्रा को लेकर दोनों के बीच में कई बार विवाद भी हुआ था।

कुछ दिनों बाद आनंद मिश्रा ने अपने शहर के शूटर रामबाबू से संपर्क किया और उससे एक लाख रुपये में उपेंद्र की हत्या कराने की बात तय हो गई। बांदा में कोतवाली निवासी शूटर रामबाबू ने मौका पाकर म्यौराबाद में उपेंद्र को गोली मार दी। लखनऊ के केजीएमसी में इलाज के दौरान उपेंद्र की मौत हो गई। इस हत्याकांड में पुलिस ने आनंद मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसने रामबाबू को एक लाख रुपये में हत्या करने की सुपारी देने की बात स्वीकारी थी। हत्या की एवज में 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे, शेष 50 हजार रुपये गोली मारने के बाद देने के वादा किया था।

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Prayagraj News : उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की गाड़ी का ड्राइवर अरबाज एकाउंटर में ढेर। - फोटो : अमर उजाला।

पुलिस हिरासत में आनंद की रामबाबू से मोबाइल पर बात कराई गई और उसे धूूमनगंज के नेहरू पार्क में आने की सूचना दिलवाई। पुलिस भी नेहरू पार्क के पास रामबाबू को पकड़ने के इंतजार में लगी हुई थी। रामबाबू बाइक पर एक अन्य साथी के साथ आया और आनंद की ओर से रुपये लाने वाले व्यक्ति का इंतजार कर रहा था। उसी समय उसे शक हुआ और वह फायरिंग कर भागने लगा। तब पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग कर उसे दबोच लिया था।

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