हाथरस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने दुबई में बैठे प्रोफेसर के भतीजे को जानकारी दी थी।वारदात से पहले और बाद में भी भतीजा आरोपियों के संपर्क में था। उसने ही आरोपियों से कहा था कि अपना मोबाइल बंद कर लो।
हाथरस में प्रवक्ता छोटेलाल गौतम के घर में वारदात से पहले और उसके बाद दुबई से सुपारी देने वाला भतीजा आरोपियों के संपर्क में था। वारदात को अंजाम देने के बाद जब विकास और लालू भागे तो उन्होंने दुबई से सुपारी देने वाले भतीजे को खबर देकर बताया कि काम तो हुआ मगर अधूरा रह गया है।
इसके बाद दुबई से भतीजे सोनेलाल ने विकास को सलाह दी कि अपना मोबाइल बंद कर ले। अब तेरा नाम आएगा और पकड़ा जाएगा मगर वह शायद ये नहीं जानते थे कि सर्विलांस की मदद से पुलिस लालू के नंबर तक पहुंच जाएगी और हुआ भी वही। लालू के नंबर की मदद से ही दोनों घेरे में आ गए।
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परिवार के सदस्यों की हत्या करने के दौरान विकास व्हाट्सएप कॉल के जरिये सोनेलाल के संपर्क में था। सोनेलाल घटना के बाद इस मामले पर अपनी निगाह बनाए हुए था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये इस मामले से जुड़ी खबरों को देख रहा था।
जैसे ही पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की और वीरांगना ने पुलिस को दिए बयानों में विकास का नाम खोला तो सोनेलाल ने तत्काल विकास को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि पुलिस को तेरे नाम की जानकारी हो गई है।
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'अब तू अपना मोबाइल बंद कर दे...'
पुलिस तेरा फोन ट्रेस कर तुझ तक पहुंच सकती है। कहा कि अब तू अपना मोबाइल बंद कर दे। इस बात को सुन विकास ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। फोन बंद होते ही पुलिस व आरोपियों के बीच की दूरी बढ़ गई, लेकिन पुलिस ने विकास के नंबर की लोकेशन और कॉल ट्रेस के जरिये साथी लालू के मोबाइल नंबर का पता लगा लिया। लालू का नंबर विकास के नंबर के साथ ही छोटेलाल के घर तक आया। यहां से साथ ही वापस गया। बस उसी नंबर की मदद से पुलिस दोनों तक पहुंच गई।
चौंके कॉलोनीवासी व रिश्तेदार, पूरे दिन कॉलोनी में रहीं चर्चाएं
जमीन के लिए इस जघन्य अपराध की हकीकत सामने आने के बाद कॉलोनीवासी व रिश्तेदार भौंचक्के रह गए। पूरे दिन कॉलोनी में चौक व चौराहे पर इस बात को लेकर चर्चाएं रहीं। आशीर्वाद कॉलोनी में घर पर रिश्तेदारों का आना- जाना लगा रहा। कॉलोनी में लोगों की जुबां पर बस यह बात थी कि महज चंद जमीन के टुकड़े के लिए कौन ऐसा कृत्य करता है। हत्यारे को मासूमों पर जरा भी तरस नहीं आया।
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पासपोर्ट लॉक करा आरोपी भतीजे का प्रत्यर्पण कराने की तैयारी
हाथरस पुलिस ने भतीजे के दुबई से प्रत्यर्पण की तैयारी शुरू कर दी है। वह दुबई से कहीं और न भाग जाए, इसके लिए पुलिस दूतावास के जरिये उसे यहां लाने की प्रक्रिया में जुट गई है। इसके लिए उसका पासपोर्ट भी लॉक कराया जा रहा है। प्रवक्ता छोटे लाल गौतम को परिवार सहित खात्मे की साजिश पांच माह पहले ही दुबई में बैठे भतीजे सोने लाल ने रची थी। उसने व्हाट्सएप कॉल के जरिये विकास को पूरी बात समझाते हुए बिसात बिछाना शुरू किया। जब उसे काफी कुछ समझ में आ गया तो उसे सुपारी दे डाली।
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व्हाट्सएप कॉल के जरिए पांच माह पहले दी सुपारी और वहीं से बना हुआ था संपर्क में
पूछताछ के अनुसार करीब पांच माह पूर्व सोने लाल को दुबई में यह जानकारी मिली कि गांव के रिश्ते के चचेरे भाई विकास की बहन प्रियंका का बीमार चाचा छोटे लाल गौतम की पत्नी से खासा मेल मिलाप है। इस बात की जानकारी मिलते ही सोने लाल गौतम ने गांव की जमीन हथियाने के उद्देश्य से पूरे परिवार की हत्या की साजिश पर काम शुरू कर दिया। सोनेलाल ने विकास से व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत शुरू कर दी। छोटे लाल गौतम के यहां आने जाने की जानकारी लेना भी शुरू कर दिया।
इसके साथ विकास को जल्दी-जल्दी छोटे लाल गौतम के यहां भेजना शुरू कर दिया। इस तरीके से विकास ने अपनी बहन के जरिए घर में आकर भरोसा जीतना शुरू कर दिया। विकास इस बात की जानकारी दुबई में व्हाट्सएप कॉल के जरिये सोने लाल को देता रहा। जैसे ही सोने लाल को यह भरोसा हो गया कि विकास अब आसानी से घर में आ जा सकता है तो विकास को दो लाख रुपये में पूरे परिवार की हत्या की सुपारी दे दी। 20 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए। अब पुलिस इस मामले में दुबई में रह रहे सोने लाल को पकड़ने के लिए दूतावास से संपर्क कर रही है।