14 सितंबर को जब बिटिया के साथ दरिंदगी हुई तब वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। कटी जीभ, टूटी रीढ की हड्डी और तमाम चोटों को झेल रही यह बिटिया जिंदगी और मौत के बीच में झूल रही थी। बाद में उसने विवेचना अधिकारी को पूरी दास्तान बताई। उसका बयान अब सरकारी पन्नों में दर्ज किया जा चुका है।
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Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
बिटिया का बयान लेने के लिए दो विवेचना अधिकारी तीन बार अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज गए। तीसरी बार जब बिटिया को होश आया तब वह कुछ लडख़ड़ाती आवाज और इशारों में यह कह पाई कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है।
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Hathras Gang Rape Case
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उसने अपने ही गांव के तीन और युवकों के नाम बताए। उसने अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी दास्तां विवेचना अधिकारी को बताई और विवेचना अधिकारी ने इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी और तथ्य विवचेना में शामिल किए। 14 सितंबर के बाद 22 सितंबर को यह बिटिया इस हाल में पहुंची कि कुछ बोल सके। ऐसे में इस केस में 22 सितंबर को धारा 376 डी बढ़ाई गई और चारों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी भी बनाया गया।
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गांव में तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के एसपी विक्रांत वीर का कहना है कि पुलिस चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती है। उन्होंने बताया कि इस युवती का 14 सितंबर गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई थी। अब उपचार के दौरान पीड़िता की मौत सफदरजंग अस्पताल में हो गई है।
मेडिकल रिपोर्ट में जीभ काटने और आंख फोड़ने जैसी कोई बात नहीं है। गर्दन दबाने पर दांतों के बीच में जीभ आ जाने पर चोट का निशान है। मृतका ने विवेचक को भी अपना बयान बोलकर दर्ज कराया था। रीढ़ की हड्डी भी गला दबाने के कारण ठीक से काम नहीं कर रही थी।