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एक घर के तीन लोगों की जलीं चिताएं: 36 घंटे से नहीं जले चूल्हे, गांव में उमड़ी भीड़, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Wed, 11 Dec 2024 09:01 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस

सार

Hathras Accident News: पीड़ित परिवार के घर ग्रामीण व रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। रात भर मृतकों के परिजन रोते-बिलखते रहे। दोपहर 12 बजे शवों का अंतिम संस्कार हुआ।
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव जैतपुर के निकट हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले गांव कुम्हरई के एक ही परिवार के साढ़े तीन माह के बच्चे और दो महिलाओं के शवों का बुधवार की दोपहर 12 बजे गांव में बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। गांव में सुबह से आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गया। 36 घंटे से गांव के कई घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। 
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे जंक्शन थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर के निकट मैक्स वाहन और कैंटर की भीषण भिड़ंत में डेढ़ माह के बच्चे और तीन महिलाओं सहित सात की मौत हुई थी। मरने वालों में साढ़े तीन माह का ईशु, पुष्पा देवी व प्रेमा देवी गांव कुम्हरई की निवासी थीं। इस मैक्स में 11 सवारियां तो गांव कुम्हरई की थीं। हादसे से गांव में कोहराम मच गया।
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
हादसे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल की ओर दौड़ पड़े लोग
आलम यह रहा है कि जैसे ही गांव में हादसे की सूचना पहुंची तो ग्रामीण व परिजन जिला अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। यहां से देर रात शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव कुम्हरई पहुंचाया गया। रात में रिश्तेदार व परिजनों के आने के कारण बुधवार की दोपहर को तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक ईशू का अंतिम संस्कार बाबा राजपाल सिंह ने दफनाकर किया। इधर, प्रेमा देवी की चिता को उनके पति गरीबदास व पुष्पा देवी की चिता को उनके पति गुड्डू ने मुखाग्नि दी। तीनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। 

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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने किया था आगाह- सिकंदराराऊ रोड बन रही है, जलेसर से निकलना
उत्तर प्रदेश के हाथरस के गांव कुम्हरई निवासी गुड्डू के ससुर को देखने एटा के गांव नगला इमलिया जा रहे लोगों को परिवार के लोगों ने आगाह किया था कि  सिकंदराराऊ मार्ग पर सड़क बन रही है, इसलिए जलेसर रोड वाली सड़क से होकर निकल जाना, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हादसे के बाद अब परिजन यही कह रहे हैं कि अगर ध्यान दिया होता तो शायद दुर्घटना नहीं होती।
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
गुड्डू की पत्नी पुष्पा चार दिन पहले नगला इमलिया से अपने पिता रामनरेश को देखकर लौटी थीं। परिजनों ने उनसे कहा कि अकेले ही अपने पिता को देख आईं। हमें भी साथ ले चलतीं तो हम भी देख आते। इस बात पर फिर से गुड्डू ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव इमलिया जाने का कार्यक्रम बना लिया। परिवार के बच्चे सहित 11 सदस्य वहां जाने के लिए तैयार हो गए। 
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
इस बात पर सभी हो गए तैयार
घर में यह बात भी हुई कि जल्द ही पौष का महीना शुरू हो जाएगा। इस महीने में किसी बीमार व्यक्ति को देखने नहीं जाते। इस बात पर गुड्डू के ससुर को देखने जाने के लिए सभी तैयार हो गए। सभी जब घर से निकलने लगे तो चर्चा यह भी हुई कि किस मार्ग से निकला जाए। गरीबदास व परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि सिकंदराराऊ वाला रोड बन रहा है। जलेसर वाले रोड से आसानी से चले जाएंगे, लेकिन सभी बोले कि ट्रेन से सिकंदराराऊ होते हुए वहां से एटा चले जाएंगे। 
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
मुझे पत्नी के साथ भेज दो, मैं दुनिया में नहीं रहना चाहता...
हादसे में घायल 60 वर्षीय गरीबदास का उपचार बागला जिला अस्पताल में हुआ। जब गरीबदास की तबीयत में सुधार आया तो उन्हें बागला जिला अस्पताल से घर लाया गया। यहां पहुंचने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने गरीबदास को पत्नी प्रेमा देवी की मौत की जानकारी दी। इसके बाद गरीबदास के होश फाख्ता हो गए। वह बिलख-बिलखकर रोने लगे और कहने लगे कि मुझे मेरी पत्नी के साथ ही भेज दो, मैं इस दुनिया में रहना नहीं चाहता। परिजनों ने ढ़ाढंस बांधकर गरीबदास को संभाला।  

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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
ट्रेन छोड़ मैजिक वाहन में बैठ गईं सवारियां
गांव कुम्हरई से गुड्डू व उनके परिवार के सभी सदस्य ई-रिक्शा से निकले थे। सभी सदस्य दोपहर एक बजे वाली पैसेंजर ट्रेन से सिकंदराराऊ तक जाने के लिए निकले थे। ई-रिक्शा तालाब चौराहे पर पहुंचकर जैसे ही सिटी रेलवे स्टेशन के लिए मुड़ा तो परिवार के सदस्यों ने उसे रोक दिया। सभी सवारियां यहीं उतर गईं और ट्रेन से जाने के बजाय तालाब चौराहे से ही मैजिक वाहन में सवार हो गईं। 

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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
बोले रामनरेश...मुझको मौत नहीं आई, मेरी बेटी को ले गई
इधर, पुष्पा के कैंसर पीड़ित पिता रामनरेश का रो-रोकर बुरा हाल था। रामनरेश कह रहे थे कि मुझको मौत नहीं आई, मेरी बेटी को ले गई। बेटी मुझे देखने आ रही थी, लेकिन मौत ने उस पर ही झपट्टा मार दिया। पुष्पा की मौत से मायके पक्ष के लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पिता का कहना था कि मैं इतना बीमार तो नहीं था, फिर भी बेटी मुझे देखने आ रही थी। 
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Hathras Accident - फोटो : अमर उजाला
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
हादसे में जगदीश उर्फ भोला का साढ़े तीन माह का पुत्र इकलौता चिराग बुझ गया। दादा की जुबां पर एक ही बात थी बड़ी मिन्नतों के बाद इस घर में बेटा पैदा हुआ था। वह भी हादसे का शिकार हो गया। हादसे में मृतक ईशु की मां राखी भी गंभीर रूप से घायल है। गंभीर अवस्था में पड़ी राखी को अभी परिजनों ने यह नहीं बताया है कि उनके इकलौते बेटे की जान जा चुकी है। यहां तक कि मां राखी का उपचार अलीगढ़ में चल रहा है।
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