नागरिकता बिल पास होने के बाद से ही अलीगढ़ शहर का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। हिंसक विरोध, पथराव, लाठीचार्ज और आगजनी जैसी तमाम घटनाओं के यहां के लोग जूझते रहे। सप्ताह भर से भी ज्यादा तनावपूर्ण स्थितियों का सामना करने के बाद शनिवार से शहर में शांति कायम हुई। इसके बाद पुलिस हिंसा करने वाले उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गई है। इसकी शुरूआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, उसे जानकर पुलिस भी हैरान है।
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अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ से पहले भी खबरें आईं हैं कि भीड़ ने बच्चों और किशोरों को सामने खड़ा कर पुलिस पर पथराव किया था। उपद्रव की फोटो और वीडियो में भी कई लोगों का चेहरे ढके हुए दिख रहे हैं। पुलिस अब भीतरखाने इस बात की जांच कर रही है कि आखिर वीडियो में चेहरे बांधकर पत्थरबाजी करने वाले कौन थे। वह किसके इशारे पर शाहजमाल पहुंचे थे।
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अलीगढ़ की पत्थरबाजी में घायल पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को सूचना मिली कि कई लोगों ने प्रदर्शन करने के लिए दूर दूर से अपने रिश्तेदारों को भी बुलाया था। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि जिले में किन-किन लोगों के यहां अचानक से रिश्तेदारों का आगमन हुआ था।
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अलीगढ़ में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, दूसरी ओर खुफिया तंत्र को सूचना मिली है कि अलीगढ़ में इन उपद्रवियों को उकसाने के लिए शराब पिलाई गई थी। इस सूचना के बाद पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी हुई है कि इतनी मात्रा में शराब इलाके के किस ठेके से खरीदी गई थी। उसे खरीदने वाले कौन थे। इसके लिए ठेकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
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चौराहे पर लगे पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं वीडियो व फोटो के आधार पर भी आरोपियों की पहचान कराने का काम जारी है। पुलिस टीमें लगाकर मोहल्लेवार उपद्रवियों की पहचान कराई जा रही है। शुक्रवार रात तक 32 की पहचान करा ली गई थी। इन सभी के पोस्टर बनवाकर सामाजिक बहिष्कार के इरादे से शहर के प्रमुख 250 चौराहों पर लगवाए गए हैं।
शाहजमाल में उग्र भीड़ में सबसे आगे रहे किशोरों की भी वीडियो, फोटो के आधार पर पहचान की जा रही है। उनके परिवार वालों से संपर्क किया जा रहा है। इलाके के बच्चों से यह भी पता किया जा रहा है कि आखिर उनको किसने और क्या बात कहकर उकसाया था। भीड़ में उनको आगे रहने के लिए किसने कहा था।