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हवालात में युवक ने लगाई फांसी: मां का छलका दर्द कहा-खाना भी नहीं खा पाया और पुलिस ने मार डाला...

Wed, 10 Nov 2021 01:19 PM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
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कासगंज: मृतक की मां फातिमा - फोटो : अमर उजाला
मेरा बेटा काम करके घर लौटा ही था और खाना तैयार था और वह खाना खाने ही जा रहा था तब तक पुलिस आ गई। बेटे से कहा थाने चलो थोड़ी देर में वापस भेज देंगे, लेकिन बेटा तो वापस नहीं आया और उसकी मौत की खबर आ गई। यह दर्द है मृतक की मां फातिमा का। जो रो रो कर पुलिस पर बेटे को मार डालने का आरोप लगा रही थी। पोस्टमार्टम गृह पर मृतक की मां फातिमा रो-रोकर बार बार कह रही थी कि मेरे बेटे को पुलिस ने ही मार डाला। जब बेटा खाना खाने बैठा था तब तक पुलिस आ गई और कहा कि अभी रुको आधे घंटे में बेटे को वापस भेज देंगे। बेटा जब 2 घंटे तक वापस नहीं आया तो देर रात खाना लेकर परिजन कोतवाली पहुंचे, लेकिन खाना नहीं देने दिया। हम तो सोचे ही बैठे थे कि थोड़ी बहुत देर में बेटा आ जाएगा। मंगलवार सुबह तक बेटा नहीं आया तब फिर मिलने गए। फिर भी पुलिस ने बेटे से मिलने नहीं दिया। शाम को खबर आती है कि तुम्हारा बेटा मर गया है और उसने फांसी लगा ली है। 
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कासगंज: मृतक की फाइल तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
मृतक की मां रो-रो कर कह रही थी कि मेरा बेटा फांसी नहीं खा सकता उसे पुलिस ने मार डाला। मेरा बेटा भूखा ही मर गया। कम से कम मेरे बेटे को खाना तो खा लेने देते। मृतक की मां का दर्द देख कर हर कोई द्रवित हो रहा था।
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कासगंज: मृतक का परिवार - फोटो : अमर उजाला
बेटे की मौत से पिता चांद मियां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब पुलिस सोमवार की रात्रि को आठ बजे उनके घर आई थी तो पुलिस ने उसे थाने ले जाने की बात कही थी। पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्हें लड़के पर लड़की को ले जाने का शक है। यह बात सुनकर उन्होंने स्वयं अपने बेटे को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस कुछ देर में छोडने की बात कहकर ले गई थी, लेकिन बेटा सही सलामत वापस नहीं मिला और उसकी मौत खबर मिली। पुलिस ने ही बेटे की जान ले ली है।

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कासगंज पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मौत का शिकार युवक अलताफ(22) पुत्र चांद मियां निवासी नगला सैय्यद हुआ। बताया गया कि आरोपी युवक टायल मिस्त्री का काम करता था। किसी परिवार में वह टायल लगा रहा था। उसी परिवार की लड़की लापता हो गई। लड़की के परिजनों ने युवक पर लड़की भगा ले जाने की शिकायत पुलिस से की। इस शिकायत पर पुलिस सोमवार की रात्रि करीब आठ बजे युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। तभी से आरोपी युवक पुलिस की हिरासत में था। आरोपी ने को मंगलवार अपराह्न के समय पेशाब जाने को कहा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे हवालात के शौचालय में भेज दिया। यहां युवक ने अपनी जैकेट की टोपी में लगी डोरी को पाइप में बांधकर गले में फांसी लगा ली। कुछ देर तक युवक जब बाहर नहीं निकला तो पुलिसकर्मियों ने अंदर जाकर उसे आवाज लगाई, लेकिन आवाज नहीं आई। शौचालय में देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था और उसकी सांसें चल रहीं थीं। तुरंत ही पुलिस युवक को जिला चिकित्सालय ले गई। जहां उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
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एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद - फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर सहित पांच निलंबित
सदर कोतवाली की हवालात के शौचालय में पुलिस हिरासत में युवक के फांसी लगाने के मामले को एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने गंभीरता से लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने इंस्पेक्टर सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। एसपी की कार्रवाई से पुलिस में खलबली मची हुई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी। लापरवाही के आरोप में सदर कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह इंदौलिया, उपनिरीक्षक चंद्रेश गौतम, उपनिरीक्षक विकास कुमार, हैड मोहर्रेर घनेंद्र सिंह एवं कांस्टेबल सौरभ सोलंकी के निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक बोत्रे ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टया जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। यदि और किसी की लापरवाही सामने आएगी तो उसमें भी कार्रवाई की जाएगी। 

कासगंज: हवालात के शौचालय में हिरासत में लिए युवक ने लगाई फांसी, मौत, परिजनों में आक्रोश, इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी निलंबित
 
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