मेरा बेटा काम करके घर लौटा ही था और खाना तैयार था और वह खाना खाने ही जा रहा था तब तक पुलिस आ गई। बेटे से कहा थाने चलो थोड़ी देर में वापस भेज देंगे, लेकिन बेटा तो वापस नहीं आया और उसकी मौत की खबर आ गई। यह दर्द है मृतक की मां फातिमा का। जो रो रो कर पुलिस पर बेटे को मार डालने का आरोप लगा रही थी। पोस्टमार्टम गृह पर मृतक की मां फातिमा रो-रोकर बार बार कह रही थी कि मेरे बेटे को पुलिस ने ही मार डाला। जब बेटा खाना खाने बैठा था तब तक पुलिस आ गई और कहा कि अभी रुको आधे घंटे में बेटे को वापस भेज देंगे। बेटा जब 2 घंटे तक वापस नहीं आया तो देर रात खाना लेकर परिजन कोतवाली पहुंचे, लेकिन खाना नहीं देने दिया। हम तो सोचे ही बैठे थे कि थोड़ी बहुत देर में बेटा आ जाएगा। मंगलवार सुबह तक बेटा नहीं आया तब फिर मिलने गए। फिर भी पुलिस ने बेटे से मिलने नहीं दिया। शाम को खबर आती है कि तुम्हारा बेटा मर गया है और उसने फांसी लगा ली है।