डॉक्टर योगिता गौतम के हत्यारोपी डॉक्टर विवेक तिवारी को आगरा पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। इस दौरान हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर से लेकर खून से सने कपड़ों की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा डॉ. योगिता का मोबाइल भी पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल के बारे में पूछताछ करेगी। हत्याकांड से जुड़े कई और सवालों के जवाब पूछे जाएंगे। आरोपी की कार से फोरेंसिक टीम को खून के धब्बे मिले हैं।
डॉ. योगिता के हत्यारोपी डॉ. विवेक तिवारी ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के कई सवालों के जवाब ठीक से नहीं दिए थे। इसलिए अब पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। केस के विवेचक क्षेत्राधिकारी (सीओ) चमन सिंह चावड़ा हैं। उन्होंने शुक्रवार को कोर्ट में विवेक को रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। मगर, कोर्ट ने रिमांड नहीं दी। अब सोमवार को विवेक की रिमांड मिल सकती है।
कहां फेंके कपड़े और रिवाल्वर
पुलिस रिमांड पर आरोपी विवेक से पता करेगी कि उसने कपड़ों और रिवाल्वर को कहां फेंका है। हालांकि प्राथमिक पूछताछ में उसने रिवाल्वर को फतेहाबाद टोल से कुछ पहले फेंकने की बात कही थी। वहीं कपड़ों को कानपुर के रास्ते में फेंके। ऐसे में पुलिस को उसकी बातों पर पूरी तरह से यकीन नहीं है। इसलिए रिमांड पर इनके बारे में पता किया जाएगा।
मोबाइल गिरा या छिपा दिया
पुलिस की पूछताछ में डॉ. विवेक ने योगिता के मोबाइल के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि मोबाइल शव को फेंकते में गिर गया होगा। हालांकि पुलिस को उसकी बात पर यकीन नहीं है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि विवेक ने मोबाइल को छुपा तो नहीं दिया। इसके बारे में भी रिमांड पर ही पूछताछ करेगी। मोबाइल में विवेक और योगिता के फोटो हो सकते हैं।
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आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. विवेक ने हत्याकांड के बाद रिवाल्वर और खून से सने कपड़ों को फेंकने की बात कही थी। डॉ. योगिता का मोबाइल भी नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस vs तीनों की बरामदगी के लिए शुक्रवार को सर्च आपरेशन चलाया। पुलिस ने फतेहाबाद रोड से लेकर एक्सप्रेस के टोल के आसपास तक देखा। जालौन और कानपुर पुलिस से रिवाल्वर और कपड़ों को ढूंढने के लिए समन्वय स्थापित किया गया है। एक पुलिस टीम को लगाया गया है, जो इनकी तलाश में लगी है। डॉ. योगिता का मोबाइल बंद जा रहा है। रिवाल्वर नहीं मिली है।
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
कब रची हत्या की साजिश
पुलिस रिमांड पर यह भी पता करेगी कि उसने हत्या की साजिश कब रची थी। उनमें झगड़ा कार में बढ़ गया था या फिर दोनों में कई दिन से झगड़े हो रहे थे। इसलिए विवेक को हत्या के बारे में सोचना पड़ा। क्योंकि वह जुलाई में खरीदी नई कार लेकर आया था। कार में ही चाकू और रिवाल्वर भी थी। आशंका है कि ऐसे में यह अचानक होने वाली घटना नहीं है।
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विवेक की कार की जांच करते फोरेंसिक टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
घटना में दूसरा कोई और तो नहीं
हत्याकांड के मामले में दर्ज मुकदमे में भाई मोहिंदर ने एक अज्ञात आरोपी को भी नामजद किया है। पुलिस आरोपी विवेक को रिमांड पर लेकर पूछेगी कि उसके साथ कोई और था या नहीं। हालांकि अभी तक किसी अन्य के साक्ष्य नहीं मिले हैं। फिर भी उसके बारे में पड़ताल की जाएगी।
दिल्ली के नजफगढ़ इलाके की रहने वाली 26 वर्षीय डॉ. योगिता गौतम आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पीजी की छात्रा थी। 19 अगस्त (बुधवार) की सुबह डौकी थाना क्षेत्र में उसका शव मिला था। हत्यारोपी डॉक्टर विवेक तिवारी उरई में मेडिकल ऑफिसर है। वो कानपुर के किदवईनगर का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल किया है।