योगिनी एकादशी पर शनिवार को मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज ने योगिनी एकादशी पर आठ झांकियों में विशेष शृंगार में दर्शन दिए। वहीं वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में फूलबंगला सजाए गए। भक्त भी अपने आराध्य के दर्शन पाकर निहाल हो गए। इस दौरान मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान होते रहे।
विज्ञापन
2 of 5
केशवदेव मंदिर में सजाया गया फूल बंगला
- फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश मंदिर में प्रातकाल से ही भक्तों का तांता लगा रहा और लोगों ने योगिनी एकादशी को मान्यता के साथ मनाया। श्रीकृष्ण जन्म स्थान स्थित केशवदेव मंदिर में ठाकुर केशवदेव महाराज को शीतलता प्रदान करते के उद्देश्य से देशी विदेशी फूलों से सजाया गया। शनिवार की सुबह से ही ठाकुर जी के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
3 of 5
मंदिर में द्वारिकाधीश महाराज का भव्य श्रृंगार
- फोटो : अमर उजाला
मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी पर किया गया दान और धर्म बहुत ही महत्वपूर्ण है। आचार्य श्याम चतुर्वेदी ने बताया कि इस दिन सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु की पूजा का विधान है। योगिनी एकादशी का व्रत करने से भक्त को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है साथ ही वह इस लोक में सुख भोगते हुए स्वर्ग की प्राप्ति करता है।
4 of 5
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन में देशी-विदेशी पुष्पों से फूलबंगला सजाया गया। गर्भगृह से बाहर पुष्प बंगला में बांकेबिहारी ने प्रात: और सायंकालीन बेला में भक्तों को दर्शन दिए। इसके अलावा ठा. राधावल्लभ, ठा. राधारमण, ठा. राधादामोदर, ठा. राधा श्यामसुंदर आदि मंदिरों में भी पुष्पा बंगला सजाए गए।
द्वारिकाधीश मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को योगिनी एकादशी होने के कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से श्रद्धालुओं ने आकर राधारानी कुंड में स्नान कर गिरिराज परिक्रमा लगाई। वहीं वृंदावन में लोगों ने यमुना में स्नान कर नगर की पंचकोसीय परिक्रमा लगाई और फल, जलभर कर मटके, कुंजा, खजूर के पंखे और वस्त्र दान किए।