अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जैसे ही संबोधन शुरू किया, सामने से नारे लगने लगे, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जोर से बोलो जय श्रीराम और अयोध्या तो झांकी है, मथुरा, काशी बाकी है। योगी ने भी माहौल की नब्ज पकड़ते हुए भाषण को अपने चिरपरिचित अंदाज में हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने पर ही फोकस रखा। उन्होंने कहा कि भारत के कण-कण में राम, कृष्ण और शंकर हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
आगरा कॉलेज मैदान पर आयोजित एबीवीपी अधिवेशन में योगी आदित्यनाथ ने संबोधन की शुरुआत ही ब्रज भूमि के महात्म्य के वर्णन से की। बोले, यह ब्रज भूमि है। यहां कण-कण और जन-जन में लीलाधारी कृष्ण की लीलाओं का प्रभाव है। उनके 41 मिनट के भाषण के दौरान 10 बार लगे छात्रों के नारों की ध्वनि और तेज हो गई जब उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, अगर दुश्मन ने आंखें टेढ़ी कीं तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
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योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान उत्साहित हुए कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने राम की महिमा का वर्णन करने के लिए प्रखर समाजवादी राम मनोहर लोहिया के वक्तव्य का प्रयोग किया। कहा कि लोहिया किसी उपासना पद्धति में विश्वास नहीं रखते थे, लेकिन उन्होंने भी यह माना और कहा कि देश की विविधता में एकता के पीछे राम हैं।
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एबीवीपी के अधिवेशन को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
योगी ने कहा कि अरुणाचल से द्वारिका तक 3,500 किमी. की धरती कृष्ण की लीलाओं की साक्षी रही है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक का 3,200 किमी. का क्षेत्र भगवान राम की मर्यादाओं से बंधा है। केदारनाथ से रामेश्वरम तक द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी के लोग सौभाग्यशाली हैं कि यह धरती भगवान राम, कृष्ण की जन्मस्थली है और काशी में भगवान विश्वनाथ हैं।
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एबीवीपी के अधिवेशन को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
योगी आदित्यनाथ ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का साहसी फैसला बताया तो अयोध्या में दिवाली भव्य रूप से मनाने के फायदे बताए। बोले, इससे निवेश आ रहा है। उन्होंने कांग्रेस का नाम नहीं लिया लेकिन इशारों में हर समस्या के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करते रहे।
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एबीवीपी के अधिवेशन को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
योगी ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद एक बार बाबा साहब आंबेडकर जयंती पर स्कूली बच्चों से पूछा, आज क्या है? जवाब मिला, इतवार। उन्हें बताया कि आज तो बृहस्पतिवार है। वे बोले, हम तो हर छुट्टी का मतलब इतवार ही समझते हैं। तभी फैसला किया कि महापुरुषों की जयंती पर होने वाली छुट्टी बंद करनी है। अब जिन महापुरुष की भी जयंती होती है, बच्चों को उनके बारे में बताया जाता है।
मंच पर योगी आदित्यनाथ, साथ में एबीवीपी के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
योगी ने कहा कि जब वे सीएम बने तो प्राइमरी स्कूलों में न फर्नीचर था, न अन्य सुविधाएं थी। बच्चे स्कूल छोड़ रहे थे। ऑपरेशन कायाकल्प चलाकर 2.5 साल में 1.9 लाख स्कूलों को संवार दिया, 50 लाख बच्चे बढ़े हैं इनमें। कांग्रेस, सपा, बसपा का नाम लिए बगैर कहा, वे 70 सालों से आखिर क्या कर रहे थे।