पिनाहट के मोहल्ला मार में कपड़ा व्यवसायी वीरेंद्र गुप्ता के घर में 20 लाख का डाका डालकर उनकी पत्नी वीरवती की हत्या कर दिए जाने के मामले में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई। खुलासे के लिए गठित की गई तीन टीमों ने चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखे लेकिन नतीजा नहीं निकला। वहीं मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ए सतीश गणेश ने खुद पहुंचकर पीड़ित परिवार को इस घटना के खुलासे का आश्वासन दिया। बता दें कि व्यापारियों ने पुलिस की नाकामी को देखते हुए विगत सोमवार को बाजार बंद रखे थे।
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वीरवती का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मोहल्ला मार में रविवार शाम करीब पांच से सात बजे के बीच बदमाशों ने कपड़ा व्यापारी वीरेंद्र गुप्ता के घर में घुसकर उनकी पत्नी वीरवती की हत्या कर डाका डाला था। रसोई में वीरवती के हाथ-पैर बंधे और मुंह में कपड़ा ठुसा था। बदमाश चार लाख नकद और 16 लाख के गहने ले गए थे। शाम सात बजे सदर बाजार स्थित दुकान से वीरेंद्र गुप्ता के घर पहुंचने पर घटना का पता चला था।
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सीसीटीवी की जांच पड़ताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना में पुलिस के होमवर्क के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। संदिग्धों तक की सूची नहीं पाई है। पुलिस अब रजिस्टर देखकर मालूम कर रही है कि हाल फिलहाल में जेल से कौन कौन बदमाश जमानत पर छूटे हैं? इनमें कौन कौन पिनाहट में पहले सक्रिय रहे हैं।
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पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे पूर्वमंत्री राजा अरिदमन सिंह और क्षेत्रीय विधायक रानी पक्षालिका सिंह
- फोटो : अमर उजाला
हत्या और डकैती की घटना के बाद सोमवार को पूर्वमंत्री राजा अरिदमन सिंह और क्षेत्रीय विधायक रानी पक्षालिका सिंह पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। उन्होंने विधायक से न्याय दिलाने की गुहार लगाई। रानी पक्षालिका सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री से अवगत करा दिया है। एसएसपी ने भी उन्हें जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया है। पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने कहा वारदात में शामिल अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।
वीरवती की हत्या और डकैती के मामले में घरवालों को किसी करीबी के होने की आशंका है। इसका कारण यह है कि व्यापारी की 12 वर्षीय बेटी जूली को बदमाशों ने कुरकुरे का पैकेट देकर बाहर बिठा दिया था। पुलिस ने जूली से पूछा कि क्या वह बदमाशों को पहचानती हैं, उसने कोई जवाब नहीं दिया। वह एक ही बात कह रही है कि घर में कोई आया था। परिवार के लोगों का कहना है कि कोई परिचित ही होगा जिसने जूली को कुरकुरे के पैकेट दिए थे। इसीलिए शक की सुई किसी करीबी पर घूम रही है। हालांकि पुलिस घटनास्थल के आसपास के घरों में संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी की जा रही है। किराएदार को भी ट्रेस किया जा रहा है।