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यमुना का प्रकोप चरम पर: हर जगह पानी ही पानी,  2000 बीघा फसल डूबी, बाढ़ की दहशत....खाली कराए जा रहे गांव

Wed, 03 Sep 2025 03:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यमुना नदी में आई बाढ़ से गांव, मंदिर और हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। बस्तियों में तबाही का मंजर है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
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यमुना में बाढ़ - फोटो : संवाद
यमुना में बाढ़ की आशंका में गांव खाली कराए जा रहे हैं। मेहरा नहारगंज से मंगलवार को प्रशासन ने 40 परिवार विस्थापित किए हैं। निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है। मोक्षधाम में चिता स्थल डूब गए हैं। नदी की तरफ खुलने वाले एत्माउद्दौला के कमरों में पानी भरा है। दो हजार बीघा से अधिक फसल डूब गई है। वॉटर वर्क्स पर यमुना चेतावनी स्तर से 1.5 फीट ऊपर बह रही है। मंगलवार रात आठ बजे जलस्तर 496.5 फीट था।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार हथिनीकुंड से मंगलवार को 2.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं गोकुल बैराज के सभी गेट खुल चुके हैं। गोकुल से आगरा की तरफ 1.02 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। ओखला बैराज से 61,968 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। डीएम अरविंद एम बंगारी के निर्देश पर मंगलवार रात एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला व एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मेहरा नहारगंज से 40 परिवार विस्थापित कराए। विस्थापितों के लिए सात बाढ़ चौकियां और आश्रय स्थल बनाए गए हैं। अगले दो दिन यमुना के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। प्रशासन ने दयालबाग, बल्केश्वर, नरायच, ट्रांस यमुना से यमुना किनारे तक हाई अलर्ट जारी किया है। डीएम ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने, नाव नहीं चलाने और निचले इलाकों से ऊंचे स्थानों पर पहुंचने की अपील की है।
 
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यमुना - फोटो : संवाद
बटेश्वर में ब्रह्मलाल महाराज के आचमन को कालिंदी बेताब
 उफनाई कालिंदी बटेश्वर में मंगलवार को ब्रह्मलाल महाराज के आचमन को बेताव दिखी। ब्रह्मलाल महाराज मंदिर और कालिंदी के बीच महज 2 सीढियों का फासला बचा है। एकादशी मंदिर कालिंदी के उफान के पानी से चारों ओर से घिर गया है। सेल्फी पॉइंट परिसर डूब गया। मंदिर के पूर्वी छोर पर 2 सीढि़यां डूबने से बची हैं। पश्चिमी छोर पर घाट पर मंदिरों के फर्श को छूकर नदी बह रही है।

 
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यमुना नदी - फोटो : संवाद
यमुना नदी के उस पार भरतार गांव में बने रिसोर्ट तक पानी पहुंच गया है। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी, राकेश वाजपेयी ने बताया कि 3 साल पहले ब्रह्मलाल महाराज मंदिर में उफान का पानी घुस गया था। प्रवेशद्वार से बह रही यमुना नदी में श्रद्धालुओं ने खूब डुबकी लगाई थी। जैन मंदिर के रास्ते सड़क पर आए पानी में महिलाओं ने खूब स्नान किया था। कालिंदी का रौद्र रूप देखकर बटेश्वर के लोग बाढ़ के खतरे को लेकर डरे हैं। गांव में पानी आने की आशंका ने उनकी नींद उड़ा दी है।


 

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बटेश्वर में चलाई जा रही मोटरबोट - फोटो : संवाद
डीएम की अपील की अनदेखी... बटेश्वर में चलाई जा रही मोटरबोट
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सोमवार को यमुना किनारे न जाने और नदी में नाव न चलाने की अपील की थी। डीएम की अपील को लेकर बटेश्वर में अनदेखी दिखी। बटेश्वर के घाट पर कल्यानपुर, भरतार गांव के लिए दिनभर मोटरबोट चली। यमुना नदी के तेज उफान और बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डाल कर मोटरबोट से नदी पार करते रहे। इतना ही नहीं दोनों छोरो पर यात्री उफान के पानी से मोटरबोट में चढ़े और उतरे। पुलिस प्रशासन ने भी घाट पर चल रही मोटर बोट की ओर ध्यान नहीं दिया। संवाद


 
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यमुना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झोपड़ियां बहीं, कचौरा घाट के शिव मंदिर में घुसा पानी
उफनाई यमुना नदी विकराल होने से किनारे के गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है। विक्रमपुर घाट गांव में उमेश और मुनीम की झोपड़ियां उफान के पानी में बह गई। लीलावती की झोपड़ी में पानी भर गया है। मवेशी भी यमुना के उफान के पानी में बंधे हैं। कई पशु बीहड़ में फंस गए हैं। प्राथमिक विद्यालय के गेट तक पानी भर गया है। जलमग्न रास्ते से शिक्षक और छात्र निकलने को मजबूर हैं।
 
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यमुना - फोटो : संवाद
चरीथा, गगनकी, बड़ापुरा गांव तक पानी पहुंचने और उफान की रफ्तार तेज होने से ग्रामीण सहमे हैं। कचौरा घाट के शिव मंदिर में नदी के उफान का पानी घुस गया है। इसके अलावा खिलावली, गढ़ी बरौली, कोट, सिधावली, सुंसार, रघुवर पुरा गांव के बीहड़ से जुड़ने वाले खादर और कच्चे रास्तों पर पानी भर गया है। कल्यानपुर, भरतार गांव तीन तरफ से यमुना नदी के पानी से घिरे हुए हैं। यमुना के उफान के पानी में कछार की फसलें पहले ही नष्ट हो गई हैं।
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यमुना - फोटो : संवाद
तराई के खेतों में पानी भरने से ग्रामीण किसान परेशान हैं। मंगलवार को बाह के एसडीएम संतोष शुक्ला, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ ने राजस्व टीम के साथ यमुना के उफान से प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि नदी किनारे के गांवों में मुनादी कराकर निचले इलाके खाली करने को कहा गया है। बचाव और राहत के लिए 5 बाढ़ चौकियां बटेश्वर, बिक्रमपुर, पारना, कचौरा घाट, रामपुर चंद्रसेनी में बनाई गई हैं। चौकियों पर संसाधन जुटाए जा रहे हैं। 

 

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डूबी हुई फसल - फोटो : संवाद
उटंगन भी हुई बेकाबू, डूबे तोड़ा पुल पर बढ़ा उफान का पानी
धौलपुर के पार्वती (आंगई) बांध से रविवार को छोड़ा गया 4500 क्यूसेक पानी आने से मंगलवार को बाह में उटंगन नदी बेकाबू हो गई। तोड़ा गांव के पुल (रपट) पर सोमवार को 3 से 4 फीट तक पानी भरा हुआ था, मंगलवार को पुल के 6-7 फीट ऊपर से पानी बहने लगा था। बहाव की रफ्तार भी तेज हो गई है। गांवों तक पानी पहुंचने के अंदेशे से ग्रामीण परेशान हैं। तोड़ा पुल के डूबने से मंगलवार को लगातार चौथे दिन सेहा, तोड़ा, सीयपुरा, शाहपुर खालसा गांव का तहसील मुख्यालय फतेहाबाद से संपर्क कटा रहा।

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किसान परेशान - फोटो : संवाद
तोड़ा के प्रधान नेमीचंद ने बताया कि गांव के लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पिनाहट के रास्ते 20 से 25 किमी अधिक चल कर आगरा और फतेहाबाद पहुंच रहे हैं। उटंगन नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटवर्तीय तोड़ा, सेहा, अरनोटा, गुरावली, सेरब, सबोरा, बीधापुरा, बसई अरेला, बसई भदौरिया, कांकर खेडा, मानिकपुरा, पिढौरा, कौंध, रीठई गांव में कछार की फसलें पहले से डूबी हुई थी। अब तराई के खेतों में पानी भर गया है। नदी से जुड़ने वाले कच्चे रास्तों तक पानी पहुंच गया है। बाह के तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ ने बताया कि उटंगन नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। आबादी क्षेत्र प्रभावित नहीं है। नजर रखी जा रही है। 
 

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गली में भरा पानी - फोटो : संवाद
बारिश से चंबल नदी भी बढ़ी, आज बंद रहेगी मोटरबोट
लगातार हो रही बारिश से चंबल नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। सहायक नदिया पार्वती नदी काली नदी अन्य नदियों का पानी आने से मंगलवार की शाम चंबल नदी का जलस्तर 120 मीटर तक पहुंच जाने पर घाट किनारे बना शिव मंदिर पानी में डूब गया। मोटरबोट संचालक अशोक कुमार ने बताया नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार को मोटरबंद का संचालन बंद रहेगा।
 
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गली में भरा पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कटान से पानी में समाई फसलें, किसान परेशान
यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से हालात बिगड़ते जा रहे है। किसानों की फसल तबाह हो चुकी हैं। कटान होने से जमीन पानी में समा रही हैं। तहसील सदर के गांव नूरपुर तनौरा, मेहरा नाहरगंज, बगदा, रामपुर की ठार, पंजाबी की ठार आदि गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसल कटान व पानी में डूब गई है। मेहरा नागरगंज चारों ओर से यमुना के पानी से घिर गया है। यहां तराई में रहने वाले 10 लोगों के घरों में पानी भर गया है।तहसील सदर के गांव तनौरा नूरपुर व मेहरा नाहरगंज में अधिक कटान होने के कारण किसानों की काफी नुकसान हुआ है। मेहरा नाहरगंज गांव के चारों ओर नदी का पानी भरा है। सहमे ग्रामीण घरों के सामानों को लेकर ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं। प्रशासन ने भी ग्रामीणों से मवेशियों और सामान को लेकर ऊंचे स्थान पर पहुंच जाने की है।


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