फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'काट दो कलावा, मिटा दो तिलक...', खून पीने से मांस खाने तक, दिया जाता था ये लालच; धर्मांतरण कराने की कहानी

Wed, 03 Sep 2025 10:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में बीमारी और गरीबी दूर करने का झांसा देकर धर्मांतरण कराने वाले आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। केदार नगर में घर में प्रार्थनासभा आयोजित कर हिंदू से ईसाई बनाते थे।
विज्ञापन
1 of 10
agra dharmantaran - फोटो : अमर उजाला
आगरा की शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रार्थनासभा में लोगों को बहाने से बुलाते थे। ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारी और गरीबी दूर करने का झांसा देते थे। घर से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने का दबाव डालते थे। हाथों से कलावे कटवा देते थे। तिलक लगाने से रोक देते थे। मुख्य आरोपी भी चार साल पहले हिंदू से ईसाई बना था। इसके बाद अन्य लोगों का धर्म परिवर्तन कराने लगा। उसके संपर्क में कई और लोग हैं। उनके बारे में पुलिस पड़ताल में लगी है।
 
विज्ञापन

2 of 10
पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाले आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'हाथ में बंधा कलावा खुलवाया, तिलक हटवाया'
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि इस मामले में केदार नगर निवासी घनश्याम हेमलानी ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया कि उसे राजकुमार ने दो से तीन बार अपने घर बुलाया। इस दाैरान हाथ में बंधा कलावा खुलवा दिया। तिलक हटवा दिया। घर से मूर्ति हटाने के लिए कहा। इस पर उन्हें शक हो गया। घनश्याम की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई की।
विज्ञापन

3 of 10
पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गिरफ्तार आरोपी राजकुमार लालवानी चार साल पहले उल्लहास नगर, महाराष्ट्र गया था। यहां पर हिंदू से ईसाई बन गया। अपने घर आने के बाद धर्म परिवर्तन कराने लगा। लोगों को विश्वास में लेकर बीमारी ठीक करने के नाम पर यीशु का स्मरण कराता था। इसके बाद बाइबल पढ़ने को कहता था। इसी के नाम पर पैसा भी लेता था। बच्चों की अच्छी पढ़ाई व किसी क्रिश्चियन मिशनरी में नौकरी दिलाने की बात करता था। इससे लोग झांसे में आ जाते थे।

4 of 10
पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाले आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कलावे काट दो, तिलक मिटा दो...
पुलिस के मुताबिक, हिंदू से ईसाई बनने वालों को कभी भी कलावा नहीं पहनने दिया जाता था। तिलक भी नहीं लगाने देते थे। हर सभा में कलावा काटने और तिलक मिटाने की बात कहते थे। धर्म परिवर्तन करने वाले घर में मूर्ति नहीं रखते थे। इसके लिए मना कर दिया जाता था। जो लोग कीर्तन सभा में मांस खाकर खून पीते हैं, वह ईसाई बन जाते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें किसी तरह का प्रमाणपत्र नहीं दिया जाता था। कई बार लोगों के कष्ट दूर करने के नाम पर रकम भी ली जाती थी। इससे जो फायदा होता था, उसे आरोपी आपस में बांट लिया करते थे।
 
विज्ञापन

5 of 10
कुछ इस तरह कराया जाता था धर्मांतरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिला सिपाहियों का माथा पकड़ा, फिर की प्रार्थना
पुलिस को जब शिकायत मिली तो एक दरोगा और दो महिला सिपाहियों को राजकुमार के घर भेजा गया। महिला सिपाही ने पेट दर्द की समस्या बताई। कहा कि वह मां नहीं बन पा रही है। इस पर राजकुमार सहित अन्य आरोपी कहने लगे कि प्रार्थना से सब कुछ ठीक जाएगा।
विज्ञापन

6 of 10
पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने वाला आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी महिला सिपाही की भी तबीयत सही करने के बारे में बताया। इसके बाद उनके माथे पर हाथ रखकर कुछ बोला गया। वह समझ नहीं पाईं। वह लगातार दो सप्ताह तक उसके पास पहुंची। तब हकीकत सामने आ गई।
 
विज्ञापन

7 of 10
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
गिरोह को फंडिंग करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए टीम कर रही पड़ताल
सदर की दो सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में विदेशी कनेक्शन सामने आया था। पाकिस्तान में बैठे सरगना गिरोह को फंडिग करते थे। बाद में गिरोह के तार मानव तस्करी और अंग बेचने वालों से भी जुड़े मिले। इनमें से अब तक एक भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है।

8 of 10
सांकेतिक तस्वीर।
पुलिस आयुक्त का कहना है कि विदेशी गिरोह पर शिंकजा कसने के लिए टीम पड़ताल में लगी है। जुलाई में पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था। सदर की रहने वाली दोनों बहनों को दिल्ली से होते हुए कोलकाता ले जाया गया था। पुलिस ने पड़ताल करते हुए कोलकाता से दोनों बहनों को छुड़ाया था।

9 of 10
सांकेतिक तस्वीर
पाकिस्तान सहित कई और देशों से फंडिंग
इसके बाद गिरोह के 14 सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। गिरोह को पाकिस्तान सहित कई और देशों से फंडिंग की जा रही थी। बाद में मानव तस्करी और अंग बेचने की बात भी सामने आई थी। आतंकी कनेक्शन पता चलने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी जांच की थी।
 
विज्ञापन

10 of 10
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी हैं। इन पर टीमें कार्य कर रही हैं। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद केस में नाम बढ़ाए जाएंगे। पाकिस्तान के अलावा भी कनाडा और अमेरिका से फंडिंग की बात सामने आई थी। कई और आरोपियों के नामों के बारे में पता चला है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें