ताजमहल के पीछे यमुना में गंदगी
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आगरा की नदियों का अध्ययन कर रहे बॉयोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसायटी (बीआरडीएस) के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि आगरा से लुप्त हो रही नदियों में वर्ष 1990 तक भरपूर पानी रहता था। जिले की मुख्य नदियों में से केवल चंबल में ही सालभर पानी रहता है। यमुना नाले में तब्दील हो चुकी है। करवन, खारी, उटंगन, किवाड़, पार्वती नदी का अस्तित्व खतरे में है। करवन नदी हाथरस से औद्योगिक अपशिष्ट लेकर झरना नाले के नाम से यमुना नदी में मिलती है। इसमें रसायनों का झाग भरा रहता है।