न धूल न धुआं। सुकून देती हवा में गूंजता चिड़ियों का मधुर कलरव। रहस्य-रोमांच से भरी बीहड़ की वादियों में उछल-कूद करते काले चितकबरे हिरन। नदी की स्वच्छ निर्मल धार में खेलते विलुप्त प्राय घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुए और डीप पूल में गोते लगाती डॉल्फिन। ये तस्वीर हैं 90 के दशक तक डकैतों के लिए कुख्यात रही चंबल के खूबसूरत आंगन की।
आगरा के बाह क्षेत्र तक फैले चंबल क्षेत्र में प्रकृति अद्भुत छटा देखने को मिलती है। साफ-सुथरी चंबल नदी में लुप्तप्राय: जलीय जीवों का ठिकाना है। इसका स्वच्छ पानी घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन, कछुओं के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। यहां इन दुर्लभ जलीय जीवों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रवासी पक्षी भी यहां बढ़े हैं।