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हर घर तिरंगा : ताजनगरी में 500 महिलाएं तैयार कर रहीं 1.30 लाख तिरंगे, जेल के बंदी भी बन रहे अभियान का हिस्सा

Sat, 30 Jul 2022 04:21 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आजादी के अमृत महोत्सव में इस बार स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा फहराने का अभियान चलेगा। आगरा जिले में इसे लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं। इस अभियान का हिस्सा जेलों के बंदी भी बन रहे हैं।
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तिरंगा झंडा बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला
आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा अभियान के लिए घर-घर झंडे बनाने का काम चल रहा है। किसी फैक्टरी की जगह आगरा जिले में यह काम स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है। 50 स्वयं सहायता समूहों की 500 से ज्यादा महिलाएं 15 अगस्त के लिए 1.30 लाख तिरंगे झंडे बनाने का काम कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल रोजगार मिल रहा है बल्कि देशप्रेम की भावना भी मजबूत हो रही है। इस अभियान का हिस्सा जेलों के बंदी भी बन रहे हैं। जिला जेल में दो महिला और दो पुरुष बंदी दो हजार से अधिक तिरंगे तैयार कर चुके हैं। अब केंद्रीय कारागार में भी इसकी शुरुआत होगी। 

स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए नगर निगम को 2.50 लाख तिरंगे बनाने और डूडा को 5 हजार तिरंगे का लक्ष्य दिया गया है। पुलिस विभाग द्वारा 2800, एसपी ग्रामीण द्वारा 2 हजार और डूडा के ढाई हजार तिरंगे का आर्डर दिया गया है। इनकी आधी आपूर्ति लखनऊ से होनी है। इस तरह करीब 1.30 लाख तिरंगे स्वयं सहायता समूहों को बनाने हैं।
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तिरंगा बनाती महिला - फोटो : अमर उजाला

डूडा के परियोजना निदेशक  मुनीश राज स्वरूप ने बताया कि हमने शहर के 50 स्वयं सहायता समूहों को तिरंगे झंडे बनाने के आर्डर दिए हैं। इनसे पुलिस विभाग, नगर निगम और डूडा द्वारा तिरंगों को तैयार कराया जा रहा है। इससे महिलाओं को रोजगार के साथ घर-घर तक इस अभियान से जुड़ाव हो रहा है। इन्हें 20 से 30 रुपये प्रति झंडे का भुगतान होना है। 

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आगरा जिला जेल - फोटो : अमर उजाला
जिला जेल में दो महिला और दो पुरुष बंदी दो हजार से अधिक तिरंगे तैयार कर चुके हैं। अब केंद्रीय कारागार में भी इसकी शुरुआत होगी। जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि जेल में सौ से अधिक महिला बंदी हैं। कुछ महिला बंदी सिलाई का कार्य करती हैं। उन्हें सिलाई मशीन भी दी गई है। 

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तिरंगा झंडा - फोटो : अमर उजाला
हर घर तिरंगा अभियान से बंदियों को जोड़ा जा रहा है। तिरंगे बनाने में दो महिला और दो पुरुष बंदियों को लगाया गया है। दस हजार तिरंगे बनाने का लक्ष्य है। तीन दिन में दो हजार तिरंगे बना दिए गए हैं। हर बंदी को पारिश्रमिक भी दिया जाएगा। एक संस्था की ओर से कपड़ा दिया गया है। 
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केंद्रीय कारागार आगरा - फोटो : अमर उजाला
प्रभारी डीआईजी जेल वीके सिंह ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान से मंडल की सभी जेलों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए अधीक्षकों को आदेश जारी किया जा रहा है। केंद्रीय कारागार में भी मशीन उपलब्ध हैं। अगर, जिला प्रशासन और संस्थाओं की ओर से कपड़ा उपलब्ध कराया जाएगा तो तिरंगे तैयार किए जाएंगे।
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