कुछ घंटों का ही साथ था, लेकिन ‘कान्हा’ से अलग होने के ख्याल से ‘यशोदा’ रो पड़ीं। आगरा में सोमवार की शाम को फुटपाथ पर मिले नवजात बच्चे को लेकर एत्माद्दौला थाने पहुंची सास-बहू को पुलिसकर्मियों ने समझाया। गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया फिर भी आंसू रुक नहीं रहे थे। बच्चे को आश्रय गृह पहुंचा दिया गया। दोनों महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मीना की गोद में नवजात
- फोटो : अमर उजाला
ट्रांस यमुना कॉलोनी के फेज दो में एक स्कूल के पास सोमवार शाम तकरीबन आठ बजे नुनिहाई निवासी मीना को नवजात शिशु एक थैले में मिला था। आसपास कोई नहीं था। मीना ने उसे गोद में उठा लिया। नजदीक के अस्पताल में लेकर गईं।
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महिला की गोद में नवजात, एत्माद्दौला थाना
- फोटो : अमर उजाला
मीना ने नवजात की नाल कटवाई। उपचार कराने के बाद अपने घर ले गईं। बहू शबनम ने नवजात की देखभाल की जिम्मेदारी उठाई। शबनम के एक साल का बेटा है। नवजात को रातभर उन्होंने अपनी गोद में सुलाया। मीना ने बच्चे के मिलने की सूचना पुलिस को भी दे दी थी।
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चाइल्ड लाइन की टीम के साथ थाने में नवजात लेकर पहुंची महिला
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को पुलिस ने शबनम और मीना को नवजात को लेकर थाने बुलाया। चाइल्ड लाइन की टीम भी पहुंच गई। चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों और पुलिस ने शबनम से बच्चे को लिया तो अनायास वह रोने लगीं। वह बच्चे को देने के लिए तैयार नहीं हुईं, सास मीना की भी आंखों में आंसू थे। उन्होंने भी बहू के समर्थन में कहा कि बच्चा उन्हीं के पास रहने दिया जाए।
चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि किसी भी बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। काफी समझाने पर वह तैयार हुईं। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि नवजात को आश्रय गृह में रखवाया गया है। उसे इस तरह से कौन छोड़कर गया? इसके बारे में पता किया जा रहा है।