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Karni Sena: करणी सेना क्या है, कैसे बना संगठन...जिसके आगे बेबस दिखी पुलिस; सपा सांसद के घर तोड़फोड़ और पथराव

Thu, 27 Mar 2025 03:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर हमला करने के बाद करणी सेना खूब चर्चा में है। सवाल ये है कि ये संगठन कैसे बना और आखिर इसका उद्देश्य क्या है। आइये जानते हैं...

 
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Karni Sena - फोटो : अमर उजाला
करणी सेना का गठन 23 सितंबर 2006 को जयपुर के जोतवाड़ा में लोकेंद्र सिंह कालवी ने किया था। संगठन का मुख्य उद्देश्य सरकारी नौकरियों और शिक्षा में राजपूतों के लिए जाति-आधारित आरक्षण की मांग करना था। संगठन का नाम करणी माता के नाम पर रखा गया, जिन्हें उनके अनुयायी हिंगलाज का अवतार मानते हैं।

हालांकि करणी सेना कोई राजनीतिक संगठन नहीं है, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इसे लुभाने की कोशिशें लगातार होती रही हैं। राजस्थान सहित कई राज्यों में राजपूत बहुल वाले इलाकों में इसका प्रभाव देखा जाता है। मार्च 2023 में संगठन के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी के निधन के बाद भी यह संगठन सक्रिय बना हुआ है और विभिन्न राज्यों में इसका विस्तार जारी है।

करणी सेना तब सबसे अधिक चर्चा में आई जब 2018 में संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के विरोध में इसने राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया। संगठन का आरोप था कि फिल्म में रानी पद्मिनी के चरित्र को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे राजपूत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इस विरोध ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में उग्र रूप ले लिया था। फिल्म के सेट पर तोड़फोड़, भंसाली पर हमले और सिनेमाघरों में हिंसा जैसी घटनाएं भी सामने आईं।

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Karni Sena - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद करणी सेना ने तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर, जोधा अकबर जैसी फिल्मों और कुछ वेब सीरीज के खिलाफ भी प्रदर्शन किए। संगठन का दावा है कि बॉलीवुड ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है, जिससे राजपूत समाज की छवि प्रभावित होती है। अब करणी सेना एक बार फिर चर्चा में है।

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Karni Sena ruckus - फोटो : अमर उजाला
दहशत में आए सपा कार्यकर्ता, कमरे में दुबके
सपा सांसद को दो दिन से मिल रहीं धमकियों के कारण उनके समर्थक भी आवास पर पहुंच रहे थे। बुधवार को भी 15-20 कार्यकर्ता आवास के बाहर कुर्सियों पर बैठे हुए थे। यहां पुलिस बल भी तैनात था। करणी सेना के कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर पहुंच और पथराव शुरू किया तो दहशत फैल गई। सपा कार्यकर्ता जान बचाने के लिए एक फ्लैट के कमरे में जाकर दुबक गए। बवाल खत्म होने के बाद ही बाहर निकले। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कोई भी घटना हो सकती थी। हमलावर गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे थे। पुलिसकर्मियों को भी पीट रहे थे।

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Karni Sena ruckus - फोटो : अमर उजाला
कॉलोनी के दूसरे गेट पर नहीं थी कोई सुरक्षा
 हमलावरों ने सांसद के आवास तक पहुंचने के लिए एचआईजी कॉलोनी के स्पीड कलर लैब के सामने वाले गेट को तलाश किया। यहां चौकीदार ही तैनात था। उसने गेट बंद करने की कोशिश की लेकिन कार्यकर्ताओं ने उसको धमकाकर जबरन गेट खोल दिया। दूसरे गेट पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं था। अगर इस गेट पर पुलिस तैनात होती तो कार्यकर्ता अंदर प्रवेश नहीं कर पाते।

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Karni Sena ruckus - फोटो : अमर उजाला
करणी सेना के समर्थन में उतरे सीकरी के सांसद
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने करणी सेना के नौजवानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जिस तरह से सपा सांसद ने अनर्गल बयानबाजी की, वह तुष्टिकरण की सारी पराकाष्ठा को पार करने वाली है। आप औरंगजेब का महिमा मंडन करिए, आपके डीएनए में है, समाजवादी पार्टी के, आप बाबर का करिए, आप मानेंगे नहीं। आप कुछ भी करिए मगर आप भारत के गौरव, महापराक्रमी राणा सांगा पर टिप्पणी करेंगे। आप राणा सांगा के मानने वालों को गद्दार कहेंगे। आप माफी मांगने के काबिल भी नहीं बचे हैं। नौजवान आक्रोश में हैं, वह प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सांसद के घर से भी पथराव हुआ।

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