पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बर्फबारी हुई तो बीते सप्ताह मैदानी इलाकों में जमकर ओले पड़े, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा। मौसम विभाग ने मौसम में बदलाव के आसार जताए थे और ये भविष्यवाणी सच साबित हुई। पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बर्फबारी हुई तो बीते सप्ताह मैदानी इलाकों में जमकर ओले पड़े, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा। मौसम विभाग ने मौसम में बदलाव के आसार जताए थे और ये भविष्यवाणी सच साबित हुई। होली पर दोपहर बाद से बादल छाए रहे और बारिश हुई। अभी 13 मार्च से पहले तक बारिश होने के आसार जताए हैं। गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी इन दिनों में चल सकती हैं।
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जमकर बरसे बदरा
- फोटो : अमर उजाला
बीते सोमवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं न्यूनतम तपमान 11.9 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस नीचे है। दिन और रात के तापमान में आ रही कमी के कारण ही दिन में भी फुरफुरी दौड़ती रही।
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बारिश में भींगते हुए जातीं युवतियां (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक बृहस्पतिवार तक बादलों के छाए रहने और बारिश के आसार बन रहे हैं। मंगलवार दोपहर बाद से बादलों की लुकाछिपी रही, जिसके बाद देर शाम बारिश हुई। वहीं बुधवार की सुबह भी बारिश हुई। अभी बृहस्पतिवार को दिन में एक से दो बार बारिश के आसार हैं। वहीं 13 मार्च तक गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
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खेत में बिछी गेहूं की फसल
- फोटो : Amar Ujala
विगत 29 फरवरी और 5-6 मार्च की बारिश ने आलू, गेहूं और सरसों की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। होली से पहले आलू किसान खेतों में खोदाई कर आलू निकालने में जुटे हुए थे, लेकिन बारिश और ओलों के कारण खेतों में पानी भर गया।
बारिश के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
- फोटो : अमर उजाला।
एक बार की बारिश का पानी सूखा नहीं तो दूसरी बार की बारिश ने हालात और विकट कर दिए। गेहूं और सरसों की फसलें तेज हवाओं ने खेतों में गिरा दीं, जिससे बालियां गिरने लगी हैं और दाने काले पड़ने शुरू हो गए। अब फिर से दो दिन बारिश होने की आशंका भर से किसान सहम गए हैं।