पूरे शहर की सड़कें नदियों में बदल गईं। शहर के मोहल्ले तलैया बन गए, लेकिन शहर के मेयर का दावा था कि पानी जितनी तेजी से भरा, उतनी तेजी से निकल भी गया। जबकि हकीकत में शहर की 30 से ज्यादा जगहें ऐसी रहीं, जहां सड़कों पर पानी 24 घंटे बाद भी भरा रहा। गलियों में जलभराव के कारण लोग घरों से निकलने की स्थिति में नहीं हैं। नाले-नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भरा हुआ है, लेकिन मेयर की तरह अफसरों के दावे भी तुरंत पानी निकासी के हैं। अमर उजाला ने ऐसी कुछ जगहों को देखा, जहां बारिश खत्म होने के 24 घंटे बाद तब सड़कों, गलियों में लबालब पानी भरा है। शहर में अवैध कॉलोनियों नहीं, बल्कि आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बसाए गए ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें पानी से 24 घंटे बाद भी भरी हुई मिलीं।