यमुना और चंबल के बीहड़ में बसे गांवों में 70 साल से सड़क और पानी चुनावी मुद्दा रहा है। तस्वीर नहीं बदली है। इस बार भी बीहड़ के इन 60 गांवों में सड़क और पीने का पानी सबसे बड़ा मुद्दा है। गांव झरनापुरा, मऊ की मडै़या, भटपुरा, गुढ़ा आदि और यमुना के बीहड़ के गांव गगनकी, बुढै़रा, बड़ापुरा, कछियारा, सुंसार, बाग गुढ़ियाना, पुराडाल आदि गांवों में रास्ते के नाम पर सिर्फ पगडंडियां हैं। बारिश के बाद यहां कीचड़ भर जाती है। कई घंटे तक वाहन फंसे रहते हैं। नौ जनवरी को सुंसार गांव की पगडंडी पर ट्रैक्टर ट्रॉली फंस गई थी। परिजन बीमार गुड्डी देवी को अस्पताल ले जा रहे थे। इलाज मिलने में देरी से महिला की मौत हो गई। कछार के गांवों में प्यास बुझाने के लिए नदी तक दौड़ लगाना मजबूरी है। पिछले विधानसभा चुनाव में सुंसार और गुढ़ा गांव के लोगों ने चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार कर समस्याओं से निजात की गुहार लगाई थी लेकिन समस्या आज भी जस की तस है।