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नरेंद्र हत्याकांड: तड़पा-तड़पाकर मारा, धनवानों को प्यार में फंसाकर रुपये ऐंठना था मनू का धंधा; अब फांसी की सजा

Wed, 19 Mar 2025 02:43 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मैनपुरी

सार

Mainpuri News: मैनपुरी के करहल के गांव नानमई में 5 मई 2024 को हुई रावरी चमरपुरा के रहने वाले नरेंद्र कुमार की हत्या में एडीजे-4 जहेंद्र पाल की कोर्ट से मंगलवार को एक महिला और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को 1.25-1.25 लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है
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Narendra Singh Murder - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में एडीजे-4 जहेंद्र पाल सिंह के न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर इस मुकदमे के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। सजा के आदेश में अदालत ने उल्लेख किया है कि कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि यह मामला दुर्लभतम से भी दुर्लभ मुकदमे की श्रेणी में आता है।

नरेंद्र की हत्या साधारण परिस्थिति में नहीं की गई। नरेंद्र को तड़पा-तड़पाकर अभय उर्फ भूरा द्वारा मारना, उसके सिर पर पैर रखकर खड़े हो जाना, सीने व पेट पर पैरों से अभियुक्त अभय उर्फ भूरा द्वारा मारना, निश्चित रूप से नरेंद्र के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने जैसा कृत है। अभियुक्त अभय नरेंद्र के शरीर से बहते हुए खून पर एक तरफ से दूसरी तरफ घूमते हुए बार-बार नरेंद्र पर प्रहार करता है।

यही कृत्य इस केस को निश्चित रूप से हत्या के अन्य केसों से अलग करता है। इस संपूर्ण घटना में अभियुक्ता मनू, अभियुक्त अभय का साथ इसी प्रकार से देती है जैसे वह अपराध मनू द्वारा ही किया जा रहा है। इससे सिद्ध है कि अभियुक्ता मनू भी सामान्य प्रकृति की महिला नहीं है। इसलिए वह न्यायालय से किसी भी प्रकार की सहानुभूति पाने की अधिकारी नहीं है। 


 
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आरोपी महिला मनू देवी - फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र की हत्या के वीडियो एवं अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई अन्य वीडियो से साफ जाहिर होता है कि अभियुक्ता मनू और उसका कथित प्रेमी अभय उर्फ भूरा एक गैंग बनाकर सुनियोजित तरीके से लोगों को मनू के घर पर बुलाते हैं, फिर मनू उन व्यक्तियों को पहले प्रेम जाल में फंसाती है, उसकी वीडियो बनवाती है और फिर उन वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उन व्यक्तियों को स्वयं भी पीटती है व अभियुक्त अभय उर्फ भूरा से भी पिटवाती है। जब व्यक्ति पैसे नहीं देते हैं तो उनकी हत्या करवा देती है। 

 
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आरोपी अभय ऊर्फ भूरा - फोटो : अमर उजाला
इसलिए इस तरह के दरिंदों का समाज में न रहना ही समाज के लिए हितकारी है। अतः न्यायालय उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों में दंड के उद्देश्यार्थ तथा दंड का आपराधिकता के अनुरूप होने के आधारभूत सिद्धांत के परिप्रेक्ष्य में अभियोग की समस्त साक्ष्यिक परिस्थितियों व अभियुक्तगण की आयु, व्यक्तिगत व पारिवारिक स्थिति के परिप्रेक्ष्य में न्याय के उद्देश्यों की प्रतिपूर्ति के लिए वर्तमान प्रकरण को विरल से विरलतम अपराध की श्रेणी में पाते हुए अभियुक्तगण मनू एवं अभय उर्फ भूरा को मृत्युदंड दिया जाना उचित समझती है।
 

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फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद नरेंद्र के परिजन - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने निकलवाई 1 फरवरी 2024 से 11 मार्च 2024 तक की कॉल डिटेल
विवेचक इंस्पेक्टर ललित भाटी ने इस वारदात की तह तक जाने के लिए कड़े इलेक्ट्रोनिक व वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए। उन्होंने अभियुक्त मनू और मृतक नरेंद्र की बातचीत के साक्ष्य जुटाने के लिए 1 फरवरी 2024 से 11 मार्च 2024 तक की कॉल डिटेल निकलवाई। इसके अलावा विधि विज्ञान प्रयोगशाला

 
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नरेंद्र कुमार की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बचाव पक्ष ने कोई गवाह और साक्ष्य पेश नहीं किया
बचाव पक्ष की ओर से इस हत्याकांड के ट्रायल के दौरान कोर्ट में कोई भी गवाह और साक्ष्य पेश नहीं किया। इसका फायदा भी अभियोजन पक्ष के रोहित शुक्ला और राकेश गुप्ता को मिला। अभियोजन की ओर से मृतक की पत्नी मिथलेश, बहू खुशबू यादव, दामाद रविंद्र कुमार और वादी मुकदमा पवन यादव को तथ्य के गवाह के तौर पर कोर्ट में प्रस्तुत किया। इन्होंने एफआईआर से लेकर अन्य पूरे घटनाक्रम का कोर्ट में समर्थन किया। साथ ही कोर्ट को पूरी कहानी बताई। इसके अलावा अभियोजन अधिवक्ता रोहित शुक्ला की ओर से विवेचक ललित भाटी द्वारा जुटाए साक्ष्य जैसे अभियुक्ता मनू के मोबाइल से घटनाक्रम के वीडियो, शव बरामदगी, वारदात स्थल से मृतक की बाइक, मोबाइल व मनू और मृतक नरेंद्र के बीच होने वाली बातचीत की सीडीआर कोर्ट में पेश की। सीडीआर से कोर्ट में यह साबित हुआ कि घटना वाली रात को मनू ने ही फोन कर नरेंद्र को बुलाया था।
 
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आरोपी मनू के घर पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
बोला परिवार, फांसी के फंदे पर उसी प्रकार तड़पेंगे दोषी
नरेंद्र की हत्या में दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मृतक के परिजन खुश हो गए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मनू और उसके प्रेमी अभय ने नरेंद्र की तड़पा-तड़पाकर हत्या की, उसी प्रकार अब यह दोनों ही फांसी के फंदे पर लटकने के बाद तड़पते हुए दम तोड़ेंगे। यह सजा नहीं, बल्कि एक सबक है इस प्रकार का कृत्य करने वाली महिला और उनके संगठित गिरोह के सदस्यों के लिए। मृतक के बेटे एवं मुकदमा वादी पवन यादव ने करहल थाने में जाकर इंस्पेक्टर ललित भाटी का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। रोते हुए उनके गले से लगकर पिता की हत्या का इंसाफ करने पर आभार जताया।
 
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Crime demo - फोटो : अमर उजाला
करहल के नरेंद्र हत्याकांड में महिला और उसके प्रेमी को फांसी
मैनपुरी के करहल के गांव नानमई में 5 मई 2024 को हुई रावरी चमरपुरा के रहने वाले नरेंद्र कुमार की हत्या में एडीजे-4 जहेंद्र पाल की कोर्ट से मंगलवार को एक महिला और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को 1.25-1.25 लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। वहीं, इस वारदात में उनका सहयोग करने के आरोप में पुलिस द्वारा मुल्जिम बनाए ऋषि को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।

वाक्या 5 मई 2024 का है। गांव राउरी चमरपुरा के नरेंद्र कुमार को एक बर्थडे पार्टी के बहाने षड्यंत्र के तहत नानमई की मनू देवी ने बुलाया था। नरेंद्र कुमार संपन्न परिवार से थे। हत्या से करीब चार साल पहले गांव नानमई की शादीशुदा मनू देवी ने उन्हें प्रेमजाल में फंसा लिया था। दोनों के बीच रुपये का लेनदेन भी होता था। इस बीच मनू देवी के दूसरे प्रेमी अभय उर्फ भूरा निवासी गांव गढ़िया को ये संबंध नागवार गुजर रहे थे। 

 

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
इसी के चलते मनू देवी ने अपने प्रेमी अभय उर्फ भूरा के साथ मिलकर नरेंद्र की बेल्टों से पिटाई कर हत्या कर दी थी। नरेंद्र का शव 6 मई को गांव नानमई के पास तालाब किनारे मिला था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। बाइक और मोबाइल फोन भी घटनास्थल से कुछ दूर मिले थे। पुलिस ने ऋषि कुमार निवासी मोहल्ला काजी पश्चिमी को भी गिरफ्तार किया था। ऋषि कुमार पर हत्या में सहयोगी होने का आरोप था। 

अभियोजन की ओर से कोर्ट में साक्ष्यों और गवाहों को पेश किया गया। कोर्ट ने इनके आधार पर मनू देवी, अभय उर्फ भूरा को पांच मार्च को दोषी करार दिया था। ऋषि कुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया था। मंगलवार को मनू देवी और अभय उर्फ भूरा की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इनको कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
आरोपियों का मोबाइल बना सजा का आधार
मनू देवी ने नरेंद्र की हत्या की बेल्टों से पिटाई और हत्या का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया था। यह वीडियो पुलिस के हाथ लग गया था। कोर्ट में वीडियो ही मुख्य साक्ष्य के तौर पर अभियोजन पक्ष के काम आया। इस वीडियो में मनू देवी खुद पांच लाख रुपये की मांग नरेंद्र से करती हुई दिख रही थी। इसी वीडियो ने इनको फांसी के तख्त तक पहुंचा दिया।

नशा कराने के बाद की गई थी हत्या
नरेंद्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दावा किया था कि उनकी पड़ताल में सामने आया है कि मनू देवी ने घटना वाली रात प्रेमी अभय उर्फ भूरा के साथ योजनाबद्ध तरीके से नरेंद्र को घर पर बुलाया था। वहां पर शराब का दौर चला। देर रात जब नरेंद्र अधिक नशे में हो गया तो उसने, अभय और ऋषि ने डंडों से पीटकर नरेंद्र की हत्या कर दी। शव को घर से करीब 500 मीटर दूर डाल दिया। मृतक की बाइक और मोबाइल फोन नगला प्रेमी बंबा के पास फेंक दिया था।
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