फिरोजाबाद में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत हुआ है। लड़की के परिवार ने युवक की पीट-पीकर हत्या कर दी गई। रीति-रिवाज से शादी कराने का झांसा देकर युवक को गुरुग्राम से फिरोजाबाद बुलाया था। मुख्य आरोपी साला मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है।
फिरोजाबाद की बिलाल मस्जिद के सामने सरेराह हुई देवेश की बेरहमी से हत्या के बाद छपरिया मोहल्ले में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। वारदात के बाद से ही सभी नामजद आरोपियों के घर पर ताला लटका है और परिवार के अन्य सदस्य फरार हैं। दो संप्रदायों का मामला होने के कारण एहतियातन मोहल्ले में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन स्थानीय लोग खौफ में हैं और घटना पर कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
मोहल्ले के आसपास रहने वाले पड़ोसियों ने दबी जुबान में बताया कि बृहस्पतिवार की रात अचानक चीखने-चिल्लाने और हंगामे की आवाजें आने लगी थीं। एक पड़ोसी ने बताया, प्रत्यक्ष रूप से वारदात होते हुए नहीं देखी, लेकिन गली में एक महिला की चीखें सुनाई दे रही थीं। माहौल इतना तनावपूर्ण और डरावना हो गया था कि डर के मारे हम सबने अपने-अपने घरों के मुख्य दरवाजे और खिड़कियां अंदर से बंद कर लिए। वारदात के बाद से ही आसपास के बाजार और दुकानें भी आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। मोहल्ले के लोग इस तरह सरेराह हुई हत्या की घटना से हैरान हैं।
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घटना के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इलाके में पुलिस बल तैनात, शांति व्यवस्था बनाए रखने की कवायद
मामला दो अलग-अलग संप्रदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। वारदात के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए छपरिया मोहल्ले में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय पुलिस के जवान लगातार क्षेत्र में गश्त करते रहे, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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चिता को मुखाग्नी देते परिजन
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गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, पुलिस सुरक्षा में छोटे भाई ने दी मुखाग्नि
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह जैसे ही मृतक दाऊजी उर्फ देवेश शर्मा का शव उसके पैतृक गांव खांडा पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। देवेश के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके चलते भाइयों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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देवेश शर्मा का फाइल फोटो
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गांव में किसी भी तरह के संभावित तनाव या अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुबह करीब नौ बजे पुलिस अभिरक्षा के बीच गमगीन माहौल में देवेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के छोटे भाई शिवम ने उसे मुखाग्नि दी।
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आरोपियों के घर लगा ताला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चाचा योगेश उर्फ संजय शर्मा ने बताया कि देवेश चार भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर था। सभी भाई-बहन अभी अविवाहित हैं। देवेश के पिता पहले दिल्ली में रहकर सब्जी की रेहड़ी लगाते थे, जहां उन्होंने परिवार का भरण-पोषण किया।
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गमगीन परिजन
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माता-पिता की मौत के बाद चारों भाई बीते तीन-चार साल से गुरुग्राम में एक कमरा किराए पर लेकर मजदूरी कर रहे थे, जबकि उनकी सबसे छोटी बहन गांव में चाचा के पास ही रहती है। मृतक देवेश गुरुग्राम में एक हलवाई की दुकान पर काम करता था।
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पीड़ित युवती
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मैंने फिरोजाबाद जाने से मना किया था, पर वो नहीं माना...
मृतक के बड़े भाई मोनू शर्मा ने रोते हुए बताया कि जब देवेश की भोली से मुलाकात हुई थी। उसका पेट जला हुआ था और उसके मायके वाले उसे बेहद परेशान करते थे तथा उसका इलाज तक नहीं कराते थे। युवती की इस हालत को देखकर देवेश को उस पर तरस आ गया और उसने हमदर्दी दिखाते हुए उसके इलाज के लिए पैसे देने शुरू कर दिए। इसी दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने एक मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद दोनों गुरुग्राम में साथ रह रहे थे।
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दाऊजी उर्फ देवेश की हत्या के आरोपी ससुर बिलाल मोहम्मद का ट्रामा सेंटर में मेडिकल कराने के बाद कोर्ट
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ससुराल वाले कई बार दे चुके थे जान से मारने की धमकी
मोनू के मुताबिक, युवती इससे पहले भी कई बार अकेले अपने मायके फिरोजाबाद घूमकर आ चुकी थी, लेकिन इस बार वह देवेश को भी अपने साथ ले जाने की जिद कर रही थी। मोनू ने बताया, लड़की के घरवाले पूर्व में कई बार देवेश को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। मुझे अनहोनी की आशंका थी, इसलिए मैंने देवेश को फिरोजाबाद (ससुराल) जाने से कई बार मना किया था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था, वह मेरी बात न मानकर चला गया और उन्होंने उसे मार डाला।
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दाऊजी उर्फ देवेश की हत्या की आरोपी सास नगीना उर्फ नग्गो और साली मुस्कान को ट्रामा सेंटर में मेडिकल क
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सांप्रदायिक तनाव के कारण रात में ही कराया पोस्टमार्टम
मामला दो संप्रदायों का होने के कारण पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लिया और मृतक के परिजन को सूचना दी। परिजन के देर रात आने पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया डीएम की विशेष अनुमति पर शुरू हुई। मृतक के चाचा योगेश उर्फ संजय की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सुबह पुलिस मृतक के गांव तक शव को छोड़ने गई और अपनी मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराने के बाद लौटी।
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दाऊजी उर्फ देवेश शर्मा की हत्या के बाद गांव खांड़ा में शोकाकुल परिजन।
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मस्जिद के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात, पुलिस ने जब्त की डीवीआर
आरोपी देवेश को पीटते हुए बिलाल मस्जिद के सामने ले गए और वहां उसकी हत्या कर दी। यह पूरी वारदात मस्जिद पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी डीवीआर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
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प्रेम विवाह की खौफनाक सजा
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'मेरे सामने उजड़ गया सुहाग, कातिलों को फांसी दिलाकर ही दम लूंगी'
मेरे ही परिवार वालों ने धोखे से बुलाकर मेरा सुहाग उजाड़ दिया। मेरे सामने मेरे पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया और मैं बेसहारा होकर सिर्फ चीखती-चिल्लाती रही। अब मेरी जिंदगी का एक ही मकसद है, अपने पति के कातिलों को फांसी की सजा दिलाना। यह रुंधे गले और बदहवास हालत में मृतक देवेश की पत्नी भोली उर्फ बिल्ली ने पुलिस और मीडिया के सामने कहा।
भोली ने बताया कि उसका मायका पक्ष अक्सर उसके साथ मारपीट करता था, जिससे तंग आकर वह करीब पांच महीने पहले घर छोड़कर चली गई थी। इसी दौरान आगरा में अबुल उल्लाह दरगाह (न्यू आगरा) के पास उसकी मुलाकात देवेश से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम संबंध हो गए और उन्होंने गुरुग्राम के एक मंदिर में जाकर शादी कर ली थी। शादी के बाद वह दो बार पति के साथ मायके आ चुकी थी, लेकिन उसका भाई समीर इस रिश्ते से सबसे ज्यादा नाखुश था और अक्सर देवेश की हत्या करने की धमकी देता था।
भाई और पिता करते हैं पशुओं का व्यापार
पीड़िता भोली के मुताबिक उसके पिता हुसैन मोहम्मद और तीन भाई बकरी खरीदने और बेचने का कारोबार करते हैं। वारदात के वक्त समीर के अलावा बाकी दो भाई काम के सिलसिले में घर से बाहर थे, जिसका फायदा उठाकर समीर और मायके के अन्य सदस्यों ने देवेश पर हमला कर दिया।