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'जॉली' का मालिक कौन : कुत्ते के मालिकाना हक की लड़ाई पहुंची थाने, दो घंटे चली पंचायत, भगवान की कसम से हुआ फैसला

Sun, 03 Jul 2022 07:00 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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कुत्ते के मालिकाना हक की लड़ाई - फोटो : अमर उजाला
एटा के अलीगंज में अजब मामला सामने आया है। यहां एक कुत्ते के मालिकाना हक की लड़ाई थाने तक जा पहुंची। दो लोगों ने पालतू कुत्ते पर अपना-अपना दावा किया। इनमें एक शख्स पड़ोसी जनपद फर्रुखाबाद का रहने वाला है। दूसरे थाना अलीगंज के गांव फरसौली के ग्राम प्रधान हैं। फर्रुखाबाद के व्यक्ति का कहना था कि आठ महीने पहले उनका पालतू कुत्ता जॉली भागकर यहां आ गया। जबकि गांव फरसौली के ग्राम प्रधान ने दावा किया कि वह आठ साल से कुत्ता पाल रहे हैं। ऐसे में कुत्ते का असली मालिक कौन है, यह तय करने के लिए रविवार को थाने में दो घंटे पंचायत चली। लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल सका। बाद में मंदिर में शपथ लेने के बाद फैसला हो सका और कुत्ता ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया गया। 

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फर्रुखाबाद निवासी उमेश सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद के पुरौरी गांव के रहने वाले उमेश सक्सेना रविवार सुबह 10:30 अलीगंज कोतवाली पहुंचे। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि आठ महीने पहले उनका पालतू कुत्ता लापता हो गया था। जानकारी मिली है कि भागकर गांव फरसौली आया था, जिसे वहां के प्रधान ने रख लिया है। 
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थाने के बाहर खड़े ग्राम प्रधान धर्मपाल - फोटो : अमर उजाला
शिकायत पर पुलिस ने फरसौली के प्रधान धर्मपाल सिंह यादव को कुत्ते सहित थाने बुला लिया। यहां भी दोनों ही लोग कुत्ते को अपना बताते रहे। वास्तव में उसका मालिक कौन है, यह जानने के लिए पुलिस कोशिश में जुटी रही। पूछताछ में धर्मपाल ने बताया कि आठ साल पहले हाथरस से जोड़ा लाए थे। कुतिया मर गई, कुत्ते को पाल रहे हैं। 

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पालतू कुत्ता जॉली - फोटो : अमर उजाला
कुत्ते से पहचान कराने की कोशिश की गई तो वह धर्मपाल की आवाज की ओर ही बढ़ा। हालांकि उमेश का कहना था कि इतने दिन बीतने की वजह से कुत्ता उन्हें नहीं पहचान पा रहा। इस पूरी कवायद में करीब दो घंटे बीत गए। 
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मंदिर परिसर में खड़े धर्मपाल - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद तय किया गया कि मंदिर में जाकर दोनों लोग ईश्वर को साक्षी मानकर शपथ लें। उमेश का कहना था कि यदि धर्मपाल ईश्वर को साक्षी मानते हुए कसम खाने को तैयार हैं तो हम कुत्ते पर अपना दावा छोड़ देंगे। जिसके बाद धर्मपाल थाना परिसर में बने मंदिर में पहुंचे और कसम खाई। इसके बाद कुत्ता उन्हें सौंप दिया गया।
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