ताजमहल पर शनिवार को खौफ के माहौल से सैलानियों के कदम थम गए। दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, फिरोजाबाद समेत देश और प्रदेश के कई शहरों में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों का असर ताज पर आने वाले सैलानियों पर पड़ा है। क्रिसमस पर स्कूलों की छुट्टियां होने के कारण सप्ताहांत पर 40 से 50 हजार पर्यटक आते थे, लेकिन बीते शनिवार के मुकाबले ही 30 फीसदी पर्यटक घट गए। पर्यटन उद्योग को डर है कि हिंसक प्रदर्शनों का दौर लंबा खिंचा तो ताज पर नए साल में सन्नाटा छाया रह सकता है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को ताजमहल पर भारतीय पर्यटकों की संख्या 35 फीसदी तक गिरी, जबकि कुल पर्यटकों की संख्या में 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीते शनिवार को जहां 21 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने केवल काउंटर से टिकट खरीदा, वहीं इस शनिवार को केवल 15 हजार सैलानी ही आए। यह आंकड़ा काउंटर की टिकटों का है, जबकि बीते शनिवार इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होने से ऑन लाइन टिकटों की संख्या भी करीब 10 से 12 हजार तक रही थी।
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ताजमहल पर पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर सुबह सात बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक सन्नाटा रहा। चुनिंदा विदेशी पर्यटकों को छोड़ दें तो भारतीय सैलानियों की तादात बेहद कम थी। गतिमान, शताब्दी, ताज जैसी ट्रेनें लेट होने के कारण दोपहर 12 बजे के बाद ही ताज पर सैलानी पहुंच पाए। दोपहर में कोहरा छंटने के बाद ही पर्यटकों ने ताज का रुख किया।
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ताजमहल में तैनात सुरक्षा कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के लिहाज से ताजमहल पर दो मजिस्ट्रेटों की अलग से ड्यूटी लगाई है। वहीं सुरक्षाबल अलर्ट हैं। ताजमहल के पार्श्व में टावरों पर भी सुरक्षा कड़ी हो रही है।
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ताजमहल पर गर्म कपडो में लिपटे पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
खौफ का यह माहौल पर्यटन के लिए बेहद खराब है। भारतीय पर्यटक घर से बाहर जाने में हिचक रहे हैं। यह हिंसा और दिन बढ़ी तो विदेशी पर्यटकों की आवक भी घट सकती है। माहौल को लेकर लोग लगातार पूछताछ कर रहे हैं। सुनील गुप्ता, इंडियन एसोसिएशन आफ टूर ऑपरेटर