आगरा में कोरोना के कारण सैलानी कम आ रहे हैं। ताजमहल पर 50 फीसदी रह गए हैं। किला और अन्य स्मारकों की स्थिति इससे भी खराब है। यहां 70 से 80 फीसदी कम हुए हैं। किला के गाइडों का कहना है कि शनिवार और रविवार को वीकेंड होने के बावजूद दोपहर तक बोहनी तक नहीं हुई।
गाइड नरेंद्र कुमार ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद उम्मीद जगी थी कि सैलानी बढ़ेंगे। यह टूरिस्ट सीजन भी है। अमेरिका से सबसे ज्यादा सैलानी आते हैं, लेकिन इस बार सीजन पिट गया। रोटी तक के लाले हैं गाइडों के सामने। शुक्रवार को ताज बंद था, किला खुला था, लेकिन सैलानी इक्का दुक्का ही आए। विगत दिन दोपहर तीन बजे तक गाइडों की बोहनी नहीं हुई।
विज्ञापन
3 of 6
आगरा किला
- फोटो : अमर उजाला
गाइड धीरज सोनकर का कहना है कि किला, सिकंदरा, एत्माद्दौला पर ज्यादा संकट है। ताज पर फिर भी विदेशी सैलानी आ रहे हैं। भले ही संख्या कम है, लेकिन अन्य स्मारकों पर स्थिति ज्यादा खराब है।
4 of 6
सिकंदरा के अकबर टूम पर आए कम सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
गाइड सिकंदर कुमार ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही सैलानी बहुत कम आते हैं। मई और जून में तो पर्यटकों का सूखा रहता है। गाइडों के लिए फरवरी, मार्च कमाई के महीने हैं। इस बार इनमें ही खाली बैठे हैं।
विज्ञापन
5 of 6
सिकंदरा के अकबर टूम पर मास्क लगाए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमित मिलने और देश-विदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को जारी अलर्ट से पर्यटकों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। सीकरी में भी पर्यटन व्यवसाय के सुपर मार्केट में शनिवार को सन्नाटा रहा। दुकानदारों ने बताया कि दुकानों का किराया भी निकालना मुश्किल हो रहा है।
टूरिस्ट वाहन पार्किंग में टूरिस्ट वाहनों के टोटे के चलते पार्किंग ठेकेदार भी परेशान हैं। स्मारकों में प्रवेश की टिकटों की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है। संरक्षक सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि निरंतर टूरिस्टों की संख्या में कमी के चलते राजस्व में भी गिरावट आई है।