रोडवेज कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित हैं। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आठ अप्रैल की मध्यरात्रि 12 बजे से बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, तो यूपी रोडवेज एंप्लाइज यूनियन ने 10 अप्रैल की मध्यरात्रि से हड़ताल पर जाने का एलान किया है। कर्मचारी यूनियनों में ही आपसी खींचतान बहुत ज्यादा है। ऐसे में हड़ताल के प्रभावी होने की उम्मीद बहुत कम है।
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उत्तर प्रदेश परिवहन
- फोटो : अमर उजाला
ताज डिपो में शनिवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक में हड़ताल को प्रभावी बनाने की रणनीति पर विचार किया गया। संगठन से जुड़े चालक, परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों को भी शामिल करने पर बल दिया, ताकि बसों के खराब होने पर उनकी मरम्मत नहीं हो सके। क्षेत्रीय अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने बताया कि अभी तक सातवां वेतनमान नहीं लागू किया गया है।
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up roadways
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महंगाई भत्ते की किस्तों का भुगतान करने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि समेत किसी मांग पर प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। दूसरी ओर, यूपी रोडवेज एंप्लाइज की सभा फोर्ट डिपो पर हुई। इसमें आठ मांगों का समाधान नहीं करने पर दस अप्रैल की मध्यरात्रि से बसों का चक्का जाम करने का फैसला किया गया।
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बस
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उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर छह माह से आंदोलन चल रहा है। कुछ संगठन नाम चमकाने को श्रेय लेना चाहते हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अली दुलारे ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समाधान निकल आएगा। रोडवेज बस चालक, परिचालकों की हड़ताल से निपटने के लिए परिवहन निगम के अधिकारियों ने भी इंतजाम कर लिए हैं।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मोहनलाल भूषण ने बताया कि हड़ताल होने पर वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। अतिरिक्त स्टाफ को लगाकर बसों का संचालन करवाया जाएगा। हड़ताल से निपटने को कार्य योजना तैयार कर ली गई है।