ठाकुर बांकेबिहारी महाराज की जय...। स्वामी हरिदासजी की जय...। बिहार पंचमी के अवसर पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के प्राकट्य उत्सव में सोमवार को वृंदावन की कुंज गलियों जयकारों की यही ध्वनि गुंजायमान रही। शुरुआत सुबह पांच बजे निधिवनराज मंदिर में पंचामृत अभिषेक से हुई। सोमवार सुबह पांच बजे सेवायत भिक्की गोस्वामी, रोहित गोस्वामी, बच्चू गोस्वामी सहित श्रद्धालुओं द्वारा 500 किलो दूध, 150 किलो दही के साथ ही देसी घी, शहद और बुरा से निधिवनराज मंदिर स्थित प्राकट्यस्थली का पंचामृत से महाभिषेक किया गया। देश-विदेश से आए भक्त बांकेबिहारी की प्राकट्य स्थली के दर्शनों को आतुर दिखे। महाभिषेक के बाद निधिवन से ठाकुर बांकेबिहारी तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या भक्त शामिल हुए। शोभायात्रा में संतों की मंडली, हरिदास संप्रदाय की संकीर्तन मंडली व बाहर से आए बैंड विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्राकट्य उत्सव पर लुधियाना के भक्तों ने निधिवन में 11 हजार दीपक जलाए। दिनभर बांकेबिहारी के प्राकट्य उत्सव का उल्लास छाया रहा।